कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने किसानों से संवाद किया तथा फसलों में होने वाले रोगों के निवारण के उपायों की जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने फसल विविधीकरण में रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खादों के अधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कुमारी सोनल गुप्ता एवं उक्त ग्राम के प्रगतिशील किसान श्री रवि प्रकाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पटना (रजनीश के झा)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना एवं कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी, मोतिहारी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 8 जनवरी 2026 को मोतिहारी जिले के घनश्याम पकड़ी ग्राम में “फसल विविधीकरण पर पायलट परियोजना” के अंतर्गत प्रक्षेत्र भ्रमण सह कृषक-वैज्ञानिक संवाद का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में घनश्याम पकड़ी तथा आसपास के ग्रामों से लगभग 40 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें महिला किसानों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं फसल अनुसंधान प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए फसल विविधीकरण के महत्व एवं इसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण को अपनी पारंपरिक कृषि प्रणाली में शामिल करने से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने किसानों की खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान भी बताए।

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