- ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के मुद्दों पर दुनिया भर के देशों के मंत्री, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नीति निर्माता विमर्श करेंगे
भारत का सुधारोन्मुखी ऊर्जा ढाँचा
इंडिया एनर्जी वीक-2026 भारत का सुधार-आधारित ऊर्जा मॉडल प्रस्तुत करेगा, जिसमें आर्थिक विकास, जलवायु संबंधी दायित्व और उपभोक्ता संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित है। तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) अधिनियम 2025 और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियम, 2025 के तहत किए गए अहम् विधायी और नियामक सुधारों से अपस्ट्रीम पारिस्थितिकी तंत्र (तेल क्षेत्र की खोज और उत्खनन) मजबूत हुआ है। इन सुधारों में अन्वेषण, उत्पादन, डीकार्बनाइजेशन और एकीकृत ऊर्जा परियोजनाओं से संबंधित एकल पेट्रोलियम लीज़; 180 दिनों के भीतर अनिवार्य लीज़ निर्णयों पर समयबद्ध अनुमोदन; तेल क्षेत्र के आर्थिक जीवनकाल तक विस्तारित होने वाली 30 वर्षों तक की दीर्घकालिक लीज़; अवसंरचना साझाकरण तंत्र; और मध्यस्थता और क्षतिपूर्ति सुरक्षा उपायों सहित निवेशक जोखिम-कम करने के प्रावधान शामिल हैं।
स्वच्छ ऊर्जा और इथेनॉल कार्यक्रम
भारत का इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर उदाहरण बन गया है। इससे वर्ष 2014 से अब तक 1.59 लाख करोड़ रुपए की कुल विदेशी मुद्रा बचत, कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में 813 लाख मीट्रिक टन कमी, 270 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रतिस्थापन, तेल विपणन कंपनियों द्वारा इथेनॉल डिस्टिलर्स को 2.32 लाख करोड़ रुपए का भुगतान और किसानों को सीधे 1.39 लाख करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है। इसी परिप्रेक्ष्य में जैव ईंधन, हरित हाइड्रोजन, संधारणीय ईंधन और कम कार्बन उत्सर्जन वालीं उभरती प्रौद्योगिकियों पर आईईडब्ल्यू 2026 में प्रमुखता से चर्चा होगी।
अवसंरचना विस्तार और ऊर्जा सुरक्षा
भारत ने दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ करने के लिए घरेलू तेल खोज और बुनियादी ढाँचे का सुदृढ़ीकरण जारी रखा है। देश में खुदरा पेट्रोल विक्रय केंद्रों की संख्या वर्ष 2014 में लगभग 52 हजार से बढ़कर वर्ष 2025 में एक लाख से अधिक हो गई है। सीएनजी पम्प स्टेशनों की संख्या लगभग 968 से बढ़कर 8,477 से अधिक पहुँच गई है। घरेलू पीएनजी गैस कनेक्शंस की संख्या 25 लाख से बढ़कर 1.59 करोड़ से अधिक हो गई है। प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क करीब 66 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 25,923 किलोमीटर से अधिक पहुँच गया है। शहरी गैस वितरण अब द्वीपीय हिस्से को छोड़कर देशभर में उपलब्ध है।
मूल्य स्थिरता और उपभोक्ता संरक्षण
ऊर्जा कीमतों में वैश्विक अस्थिरता के बावजूद, भारत ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में स्थिरता बनाए रखी है। वर्ष 2021 से प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, वहीं भारत में 2025 में कीमतें 2021 की तुलना में काफी कम रहीं। पेट्रोल पर 13 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 16 रुपए प्रति लीटर की केंद्रीय उत्पाद शुल्क कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया। तेल विपणन कंपनियों ने मार्च 2024 में 2 रुपए प्रति लीटर की अतिरिक्त मूल्य कटौती की। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना लाभार्थियों के लिए घरेलू गैस का मूल्य लगभग 553 रुपए प्रति सिलेंडर पर स्थिर रखा गया है, जो वैश्विक स्तर पर न्यूनतम कीमतों में एक है।
वैश्विक ऊर्जा संवाद हेतु मंच
चार दिन तक चलने वाले आईईडब्ल्यू 2026 सम्मेलन में मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठकें, सीईओ डायलॉग्स, सार्वजनिक-निजी क्षेत्र संवाद, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, प्रदर्शनियाँ, सामाजिक कार्यक्रम और मीडिया से जुड़ाव कार्यक्रम होंगे। विशेष सत्र में हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था, हरित वित्त, संवहनीय ईंधन, चक्रीयता, डिजिटल बदलाव और कार्यबल विकास पर केंद्रित चर्चा होगी। व्यापक अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी और देश-विशिष्ट के पवेलियनों से युक्त विस्तारित प्रदर्शनी में ऊर्जा मूल्य संपूर्ण श्रृंखला की सैकड़ों कंपनियां भाग लेंगी।
भारत ऊर्जा सप्ताह
इंडिया एनर्जी वीक देश का प्रमुख वैश्विक ऊर्जा मंच है, जिसमें सुरक्षित, संवहनीय और किफायती ऊर्जा भविष्य को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रणेता, उद्योग जगत के अधिकारी और नवप्रवर्तक एक साथ जुटते हैं। तटस्थ अंतर्राष्ट्रीय मंच के तौर पर यह सम्मेलन निवेश, नीतिगत समन्वय और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देता है। इंडिया एनर्जी वीक 2026 का आयोजन 27-30 जनवरी 2026 को गोवा में किया जाएगा। आईईडब्ल्यू 2026 में विशेषज्ञों द्वारा तैयार चार दिवसीय कार्यक्रम के दौरान, मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन, वैश्विक पूँजी प्रवाह पर सीईओ संवाद, सार्वजनिक-निजी क्षेत्र संवाद, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, राष्ट्रीय ऊर्जा कंपनियों और उच्च-विकास दर वाले स्टार्टअप्स द्वारा प्रौद्योगिकी प्रदर्शन, सामाजिक कार्यक्रम और मीडिया सहभागिता के साथ ही एक विशिष्ट प्रदर्शनी भी आयोजित होगी।

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