अपने संबोधन में कर्नल ताहिर मुस्तफा ने कहा कि इस प्रकार के युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच की दूरी को कम करने और आपसी समझ को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रो. असगर अली ने शिक्षा, एकता और अंतर-सांस्कृतिक संवाद के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम युवा मनों को जोड़ने वाला एक सशक्त सेतु है, जो उन्हें भारत के साझा भविष्य के निर्माण में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। श्री अजय कुमार, जिला मजिस्ट्रेट, ने अनुभव आधारित शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया। वहीं मुख्य अतिथि श्री अजय महावर ने अपने संबोधन में युवाओं के समावेशी विकास और राष्ट्रीय एकीकरण के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जो जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों के युवाओं के बीच आपसी संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल का सफल समापन रहा।
नई दिल्ली (रजनीश के झा)। जामिया हमदर्द ने सांस्कृतिक समझ, राष्ट्रीय एकता तथा युवाओं के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “वतन को जानो” विषय पर 6वाँ कश्मीरी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. असगर अली, कार्यवाहक कुलपति, जामिया हमदर्द ने की। श्री अजय महावर, विधायक, घोंडा विधानसभा क्षेत्र (दिल्ली) कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। वहीं श्री अजय कुमार, जिला मजिस्ट्रेट, उत्तर-पूर्वी दिल्ली तथा कर्नल ताहिर मुस्तफा, कुलसचिव, जामिया हमदर्द विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आयोजकों ने बताया कि यह छह दिवसीय कार्यक्रम कश्मीर के छह जिलों—अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, कुपवाड़ा, पुलवामा और श्रीनगर—से आए 100 से अधिक युवाओं को एक मंच पर लाया। कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को राष्ट्रीय राजधानी में शैक्षणिक भ्रमण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, नेतृत्व विकास तथा उद्यमिता से संबंधित सत्रों का अनुभव कराया गया।

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