- लैंगिक व आर्थिक समानता के लिए 57 संकुलों की महिलाओं ने लिंग आधारित हिंसा के खिलाफ बुलंद की आवाज
जिला परियोजना प्रबंधक ने जीविका दीदियों की भूमिका की सराहना करते हुए बताया कि दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उनके निरंतर जन-जागरूकता अभियानों से समाज में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिले के आठ प्रखंडों में दीदी अधिकार केंद्र संचालित हैं, जहां महिलाओं से जुड़े भेदभाव व घरेलू हिंसा के मामलों का सामाजिक स्तर पर समाधान किया जाता है. कार्यक्रम में हरियाली संकुल संघ, मझौलिया की अध्यक्ष सविता देवी ने महिलाओं से चुप्पी तोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना ही सामाजिक बदलाव की पहली शर्त है.वहीं नारी शक्ति संकुल संघ की अध्यक्ष नंदा देवी ने कहा कि जीविका से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता आई है—आज नारी किसी भी रूप में कमजोर नहीं है. कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के अधिकारों पर आधारित जागरूकता गीतों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को प्रेरणादायक बना दिया. इस अवसर पर जीविका के सभी प्रखंडों के प्रखंड परियोजना प्रबंधक, विषयगत प्रबंधक उपस्थित रहे. कार्यक्रम का मंच संचालन सामाजिक विकास प्रबंधक श्री सतीश कुमार ने किया.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें