प्रभांशु कुमार झा ने कहा कि BLO Supervisor का दायित्व पर्यवेक्षण (Supervision), समन्वय (Coordination) एवं रिपोर्टिंग (Reporting) जैसे नीतिगत एवं प्रशासनिक कार्यों से जुड़ा होता है, जिसे किसी प्रधानाध्यापक जैसे नियमित शिक्षकीय पद पर कार्यरत व्यक्ति को सौंपना नियमसम्मत नहीं है। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति को उक्त जिम्मेदारी दिया जाना निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा निर्वाचन के समय से ही संबंधित कर्मी की भूमिका को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, परंतु अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनज़र यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि पंचायत चुनाव में जिला स्तर पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी (DPRO) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, न कि किसी विद्यालय प्रधानाध्यापक की।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने मांग की कि संबंधित व्यक्ति को निर्वाचन कार्य से तत्काल मुक्त किया जाए। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। जांच अवधि में उन्हें प्रशासनिक एवं निर्वाचन संबंधी सभी दायित्वों से अलग रखा जाए। आरोप प्रमाणित होने पर उनके विरुद्ध नियमसम्मत विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र की आत्मा है, और इससे किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे जनता का विश्वास चुनाव प्रणाली से उठ सकता है। भाजपा, मधुबनी प्रशासन एवं निर्वाचन आयोग से आग्रह करती है कि इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

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