मधुबनी : भाकपा ने जिला स्थापना दिवस मनाया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 30 जनवरी 2026

मधुबनी : भाकपा ने जिला स्थापना दिवस मनाया

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मधुबनी (रजनीश के झा)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी स्थापना शताब्दी का  मधुबनी जिला  समापन समारोह उत्सव गार्डन गंगासागर मधुबनी में पार्टी जिला मंत्री मिथिलेश झा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ । समारोह के प्रारंभ में पार्टी का झंडोतोलन ,देश की आजादी एवं सामाजिक परिवर्तन एवं सरोकार स्थापित करने के संघर्ष में हुए शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शहीद बेदी पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि दिया गया । समारोह में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस को बलिदान दिवस के रूप में याद करते हुए उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि की है । समारोह का उद्घाटन राष्ट्रीय सचिव डॉ गिरीश ने कहा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना 26 दिसंबर 1925 को कानपुर शहर में हुई थी । इस पार्टी को भारत के आजादी के लड़ाई के योद्धाओं के द्वारा स्थापित किया गया । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापकों को अंग्रेजों की यातनाएं ,जेलों में बेड़ियां सहित अनेकों तरीके की यातनाएं झेलने परे । अग्रेजों से लड़ने वाले लड़ाकों ने हिंदुस्तान में गांवों में हो रहे सामाजिक उत्पीड़न तथा शोषण के खिलाफ वर्ग संघर्ष को तेज करने का काम किया । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना करने वाले साथियों की समझ थी कि देश से अंग्रेजों को जाने के बाद हिंदुस्तान की सत्ता किसानों तथा मज़दूरों के हाथों में हो ।  कम्युनिस्टों ने  चिंतन किया कि। दलितों , पिछड़ों ,आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को , महिलाओं एवं अन्य सामाजिक रूप से पिछड़ों के आंदोलन को मजबूत करते हुए उनके हक की लड़ाई को आगे बढ़ाएंगें । डॉ गिरीश ने कहा शहीदएआजम भगत सिंह ने अपने नौजवान महासभा के संविधान में लिखा था कि हमें उस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा कि देश की आजादी के बाद हिंदुस्तान में काले लोगों का राज स्थापित नहीं हो जाए। लेकिन आज भारत में वही देखने को मिल रहा है ।  केंद्र एवं बिहार की एनडीए सरकार में महिलाएं असुरक्षित है, दलितों एवं पिछड़ों के साथ राजनीतिक घोषणाओं का दोहन किया जा रहा है । द्वेष ,अराजकता ,असहिष्णुता एवं धार्मिक उन्माद के कारण संवैधानिक मूल्यों का अवमाना हो रहा है । राष्ट्रीय सचिव ने कहा आज जो लोग अपने आपको राष्ट्रवादी कहने में मशगूल है वे लोग देश के आज़ादी के समय अग्रेजों के पेंशन पर जीते थे।  आर एस एस वालों ने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी । गोडसे को आगे कर महात्मा गांधी की हत्या हुई। सम्पूर्ण देश शोक में था परंतु आर एस एस वाले जलेबियां बांट कर गांधी की हत्या की खुशियां मना रहे थे ।


देश की आजादी के बाद सोवियत रूस के मदद से भारत में कई उद्योग लगाए गए। खनिज संपदाओं को विकसित करने की मशीनरी भी रूस से प्राप्त हुआ । जवाहर लाल नेहरू के पहल पर हिंदुस्तान के कम्युनिस्टों का एक प्रतिनिधिमंडल रूस जाकर हिंदुस्तान में ओद्योगिक विकास की तकनीकी सहयोग करने का आग्रह किए। रूस से प्राप्त सहयोग का ही परिणाम था कि भारत में ओद्योगिक क्रांति हुई। परंतु आज की एनडीए सरकार सभी वैसी संस्थाओं को बेच रही है कम्युनिस्ट पार्टी का देश की आजादी से लेकर  विकास तक के सभी कामों में महत्वपूर्ण योगदान है । किसानों ,मजदूरों ,नौजवानों , मेहनतकशों, अकलियतों , दलितों  , सामाजिक ,आर्थिक  एवं  राजनीतिक रूप से पिछड़ों के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 100 वर्षों का संघर्ष एवं बलिदान का एक लंबा इतिहास है । समाज के निचले तबके के जीवन स्तर सुधरने के लड़ाई से लेकर संविधान में कानून बनाने तक की संघर्ष एवं आंदोलन के बदौलत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने पेंशन , जमींदारी प्रथा समाप्ति कानून , बैंकों का निजीकरण समाप्ति करना , किसानों के लिए बटाईदारी, भूमिहीनों के वास की जमीन , बेरोजगारी समाप्त करने के लिए मनरेगा कानून , खाद्य सुरक्षा कानून , सूचना का अधिकार कानून सहित दर्जनों कानून कम्युनिस्टों के आंदोलन एवं संघर्ष  का परिणाम है । लेकिन आज एनडीए के सरकार में मनरेगा , खाद्ध सुरक्षा कानून सहित कई जनकल्याणकारी कानूनों के तौर मरोड़ के , नाम बदलकर समाप्त करने की बहुत बड़ी साजिश हो रही है । डॉ गिरीश ने  12 फरवरी को श्रमिकों, किसानों एवं मजदूरों सहित आम आवाम के सवालों जैसे बिजली बिल 2025 , मनरेगा ,बीज बिल रद्द करने एवं अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय आम हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया ।


समारोह को संबोधित करते हुए राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने कहा  बिहार में भी एनडीए सरकार जनविरोधी गतिविधि में आगे आ रही है । बिहार की पार्टी बिहार सरकार के अराजक कानून व्यवस्था ,भ्रष्टाचार , भूमिहीनों को बेघर करने की बुलडोजर नीति एवं जीविका दीदियों को 10 हजार देकर दो लाख के प्रलोभन देने का भांडा फोर करेगी । सम्पूर्ण बिहार में 26, 27 एवं 28 फरबरी को सभी प्रखंडों एवं अंचल कार्यालयों पर स्थानीय सवालों , बिहार की गिरती कानून व्यवस्थाओं एवं अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करेगी । भाकपा के सांगठनिक कामों को पूरा करते हुए आंदोलन्मुखी बनाकर जनसरोकार के संघर्ष में निरंतरता लाने की आवश्यकता है । बिहार में भले ही चुनाव जीतकर एनडीए सरकार में है लेकिन जनता का विश्वास बिहार सरकार से उठ चुका है । शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए भोगेंद्र झा के अधूरे कामों को पूरा करने का  आंदोलन तेज करना है । पलटू यादव , संतु महतो सहित अन्य शहीदों के अरमान को पूरा करने के लिए बिहार एवं मधुबनी जिला पार्टी संगठन को मजबूत करते हुए जानंदोलन को मजबूत करना है । समारोह में पार्टी राष्ट्रीय परिषद सदस्य राजश्री किरण ने कहा बिहार में लड़कियों एवं महिलाओं के ऊपर लगातार अन्याय एवं अत्याचार होता है  । सरकार की पुलिस व्यवस्था मंत्री एवं सत्ता पर काबिज लोगों को बचाने में लगी हुआ है । न्याय के खिलाफ सीपीआई को संगठित एवं मजबूत आंदोलन किया जाएगा । समारोह में जिला नेतृत्व सचिवमंडल सदस्य उपेन्द्र सिंह , सुर्यनारायण यादव, मनोज मिश्र, रामनारायण यादव, राकेश कुमार पांडेय , रामनारायण बनरैत, सुर्यनारायण महतो, आनंद कुमार झा , मदन मिश्र , हृदय कांत झा ,अशेश्वर यादव, बालकृष्ण मंडल ,  श्रीमप्रसाद यादव , अनिल सिंह ,अरुण कुमार ठाकुर , मो जुबेर , मो साबिर , राजेश कुमार पांडेय ,मंगल राम, अजय वर्मा ,माला देवी , तीलियां देवी सहित विभिन्न अंचलों सैकड़ों पार्टी नेतृत्व कारी साथी भाग लिए ।

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