- किसान रजिस्ट्री में खाता-खेसरा नंबर की अनिवार्यता किसानों को किसान सम्मान निधि से वंचित करने की साज़िश : ललन कुमार
- राजस्व महाभियान के माध्यम से किसानों से लिए गये आवेदन का निष्पादन हो : किसान महासभा
अपने अध्यक्षीय संबोधन में अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि अब समस्या यह है कि अधिकांश किसानों को एक से अधिक जमाबंदी है। एक-दो को छोड़कर सभी आनलाईन जमाबंदी पर खाता-खेसरा शून्य अंकित है। यह उनके पिताजी या दादाजी के नाम से दर्ज है। इसलिए सरकार सबसे पहले राजस्व महाभियान के जरिए लिए गए आवेदनों का यथाशीघ्र आनलाईन सुधार करे, पोर्टल पर एक से अधिक जमाबंदी दर्ज कराने की व्यवस्था करें अन्यथा यह योजना भी आधा अधूरा ही रहेगा और खामियाजा किसानों को भुगताना पड़ेगा। यह योजना किसानों के लिए अभिशाप साबित होगा। उन्होंने तत्काल किसान रजिस्ट्री में वंशावली, एलपीसी आदि को शामिल करने की मांग की है। बतौर अतिथि भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि इस योजना में बटाईदार किसानों के लिए भी कोई प्रावधान नहीं है जबकी आजक बटाईदारी खेती का प्रचलन बढ़ा है। उन्होंने किसान रजिस्ट्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसान रजिस्ट्री किसानों को कृषि हितैषी योजनाओं से वंचित करने की केंद्र की मोदी सरकार की साज़िश है। उन्होंने इसके खिलाफ किसानों से संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। बैठक में महासभा के सदस्यता अभियान में गति लाने, पंचायत एवं प्रखंड सम्मेलन करने, 9 फरवरी को प्रखंड मुख्यालय का घेराव करने, 23 फरवरी को विधानसभा का घेराव करने समेत अन्य संगठनात्मक एवं आंदोलनात्मक निर्णय लिया गया।

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