- फागुन 21 गते (5 मार्च) को मतदान, उम्मीदवारों की संख्या ने बढ़ाई चुनावी जटिलता
क्षेत्रवार उम्मीदवारों की स्थिति और राजनीतिक संकेत
निर्वाचन क्षेत्र संख्या 1 में 27 उम्मीदवारों का मैदान में उतरना यह दर्शाता है कि यहां पारंपरिक दलों के साथ-साथ स्थानीय प्रभाव वाले निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं। नेपाली कांग्रेस, नेकपा एमाले, जसपा नेपाल और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी जैसे दलों की उपस्थिति से मुकाबला त्रिकोणीय से आगे बढ़कर बहुकोणीय बन गया है। निर्वाचन क्षेत्र संख्या 2 में 37 उम्मीदवारों का नामांकन होना इस क्षेत्र में बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है। यहां नए दलों और तकनीकी पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि मतदाता केवल पारंपरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वैकल्पिक नेतृत्व को भी परखने के मूड में हैं। जिले में सबसे अधिक उम्मीदवारों वाला निर्वाचन क्षेत्र संख्या 3 रहा है,जहां से 42 प्रत्याशी मैदान में हैं, यह इस बात का प्रमाण है कि यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से सबसे अधिक सक्रिय और प्रतिस्पर्धी बन चुका है। यहां स्थापित दलों के साथ-साथ युवा, महिला और निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी मतों के बिखराव की संभावना को बढ़ा रही है, जिससे अंतिम परिणाम अप्रत्याशित हो सकता है। वहीं निर्वाचन क्षेत्र संख्या 4 में अपेक्षाकृत कम यानी 25 उम्मीदवारों का नामांकन हुआ है, लेकिन प्रमुख दलों के प्रभावशाली उम्मीदवारों की मौजूदगी के कारण यहां मुकाबला कम दिलचस्प नहीं माना जा रहा। विश्लेषकों का मानना है कि यहां सीधी टक्कर के आसार अधिक हैं।
मतदाता संख्या और चुनावी प्रभाव
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार महोत्तरी जिले में कुल 4 लाख 31 हजार 282 मतदाता हैं, जिनमें पुरुष मतदाता बहुसंख्यक हैं, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या भी निर्णायक भूमिका निभा सकती है। बड़ी संख्या में युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाता इस चुनाव का रुख तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।
प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां
चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। जिलेभर में 258 मतदान स्थल और 536 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा आकलन के आधार पर 163 मतदान स्थलों को अतिसंवेदनशील, 89 को संवेदनशील और 6 को सामान्य श्रेणी में रखा गया है। इससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन किसी भी तरह की चूक नहीं चाहता और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
क्या कहता है राजनीतिक माहौल
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार उम्मीदवारों की अधिक संख्या जहां मतों के विभाजन की संभावना को बढ़ाती है, वहीं इससे जनप्रतिनिधि चुनने की जिम्मेदारी मतदाताओं पर और अधिक बढ़ जाती है। पारंपरिक दलों की पकड़, उभरते नए राजनीतिक विकल्प और स्थानीय मुद्दों का प्रभाव इन तीनों का संतुलन ही इस बार महोत्तरी के चुनावी परिणाम तय करेगा। नामांकन प्रक्रिया के बाद अब प्रचार अभियान तेज होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में चुनावी वादों, गठबंधनों और रणनीतियों से यह स्पष्ट होगा कि महोत्तरी की जनता इस बार किस दिशा में अपना जनादेश देती है। विदित हो कि नेपाल प्रतिनिधि सभा (लोकसभा) की 275 सीटों के लिए आगामी फागुन 21 गते (5 मार्च )को पूरे देशभर में एक साथ मतदान होगा ।

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