- रेल की रफ्तार, गंगा की धार और रोज़गार की ताकत, दिल्ली : वाराणसी और वाराणसी : सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
- गंगा जलमार्ग पर शिप रिपेयर इकोसिस्टम, लॉजिस्टिक्स को मजबूती, सारनाथ का विश्वस्तरीय हेरिटेज डेवलपमेंट, इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब की सौगात
- बीएचयू आईएमएस अपग्रेडेशन के लिए ₹107.72 करोड़, तीर्थ और टियर-2 शहरों के लिए सालाना ₹5,000 करोड़ का सपोर्ट
गंगा से ग्रोथ का रास्ता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज़ के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव बजट की सबसे अहम घोषणाओं में शामिल है। इससे गंगा जलमार्ग पर कार्गो मूवमेंट को सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और नदी-आधारित परिवहन को नई मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार इससे क्षेत्र में स्किल्ड रोज़गार के बड़े अवसर भी सृजित होंगे।
हाई-स्पीड रेल से बदलेगी दूरी
काशी को देश के हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विज़न में भी खास स्थान मिला है। प्रस्तावित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में से दो, दिल्ली - वाराणसी और वाराणसी - सिलीगुड़ी, को शामिल किया गया है। इससे तेज़, सस्टेनेबल पैसेंजर ट्रांसपोर्ट के साथ पूर्वांचल का राष्ट्रीय और पूर्वोत्तर भारत से आर्थिक जुड़ाव और मजबूत होगा।
सारनाथ : आस्था से अनुभव तक
बजट में सारनाथ को देश की 15 प्रमुख आर्कियोलॉजिकल साइट्स में शामिल किया गया है। इन्हें एक्सपीरिएंशियल कल्चरल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां क्यूरेटेड वॉकवे, कंज़र्वेशन लैब्स, इंटरप्रिटेशन सेंटर्स और इमर्सिव स्टोरीटेलिंग टेक्नोलॉजी के माध्यम से इतिहास को जीवंत किया जाएगा। यह पहल वाराणसी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त करेगी।
लॉजिस्टिक्स और स्वास्थ्य को बल
वाराणसी में इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स हब के निर्माण से व्यापार, उद्योग और सप्लाई चेन को नई गति मिलेगी। वहीं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयु) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के अपग्रेडेशन के लिए ₹107.72 करोड़ का प्रावधान स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को सुदृढ़ करेगा।
तीर्थ नगरों के लिए बड़ा सपोर्ट
बजट में तीर्थ नगरों और टियर-2 व टियर-3 शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने के लिए अगले पांच वर्षों तक हर साल ₹5,000 करोड़ देने का प्रस्ताव है। इससे वाराणसी जैसे शहर धार्मिक, पर्यटन और ट्रांसपोर्ट हब के रूप में और विकसित होंगे।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें