- राष्ट्रीय आम हड़ताल पर श्रम-किसान-मजदूर संगठनों ने जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन-सभा किया
सभा को भाकपा के रामबृक्ष राय, मो० अलाउद्दीन, मनोज राय, राजेश कुमार, गीता देवी, मो० अलाउद्दीन, नगीना राम, एसयूसीआई के पलटन साह, लाल बाबू राय, उपेंद्र राय, फूलो राय, रौशन कुमार, परमेश्वर राय, लाल बहादुर राय, रामेश्वर राय, मो० फूलहसन एवं भाकपा माले के आसिफ होदा, शंकर महतो, मो० एजाज, राजदेव प्रसाद सिंह, मुंशीलाल राय, मुकेश कुमार गुप्ता, मो० एजाज, मो० गुलाब, मोतीलाल सिंह, महावीर सिंह, मो० अबुबकर, अरविंद कुमार, संजय कुमार सिंह, शत्रुघन सिंह, बिहार राज्य आशा संघ के सविता सिंह, रंजू कुमारी, शोभा कुमारी, गीता देवी, मंजू देवी, अनीता कुमारी, सविता कुमारी, विंदू कुमारी, बिहार राज्य विद्यालय रसोइया संघ के शिव कुमारी देवी, गिरजा देवी आदि ने सभा को संबोधित किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि ओपीएस को बहाल करने, निजीकरण पर रोक लगाने, श्रमिकों के योजनाओं में धांधली बंद करने, दैनिक मजदूरी 7 सौ रूपए करने, तिरहुत नहर परियोजना में अधिग्रहित जमीन एवं मकान का वर्तमान सर्किल रेट का चार गुणा मुआवजा देने, आशा-रसोईया, सेविका-सहायिका, आपदा मित्रों आदि को राज्य कर्मचारी घोषित करने एवं मानदेय 21 हजार रुपए करने की मांग आम हड़ताल में शामिल है। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के रामप्रीत पासवान ने कहा कि काम के 8 घंटे को बढ़ाकर 12 घंटे करने वाला एवं यूनियन बनाने का अधिकार खत्म करने वाला मजदूर विरोधी चार श्रमकोड नहीं चलेगा। एसयूसीआई के चंद्रशेखर राय ने आम हड़ताल पर निकाले गये जुलूस एवं हड़ताल को बड़ी भागीदारी से सफल बनाने पर ताजपुर वासियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन करते हुए हड़ताल को ऐतिहासिक रुप से सफल बताया।

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