- संयम रंग उत्सव में हर्ष संघवी ने लिया पूज्य गुरुदेव का आशीर्वाद
64 आत्माओं का ऐतिहासिक संकल्प
दीक्षा महोत्सव में 64 दीक्षार्थियों ने सांसारिक जीवन का परित्याग कर संयम के पथ को अपनाया। यह दृश्य उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए भावविभोर कर देने वाला था। परिवारों की आंखों में आंसू थे, लेकिन उन आंसुओं में विरह से अधिक गर्व और आध्यात्मिक संतोष झलक रहा था। श्री हर्ष संघवी ने सभी दीक्षार्थियों से भेंट कर उनके साहसिक निर्णय की सराहना की और कहा कि त्यागमय जीवन का यह संकल्प समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
उल्लेखनीय है कि सूरत जहां से श्री संघवी लोकप्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित हुए हैं, बीते दस वर्षों में पूज्यश्री की पावन निश्रा में 7, 45, 36, 18 और 74 जैसी ऐतिहासिक सामूहिक दीक्षा महोत्सवों का साक्षी रहा है। इन अभूतपूर्व आयोजनों ने सूरत को देश-विदेश में ‘दीक्षा भूमि’ के रूप में विशिष्ट पहचान दिलाई है। आज जब भौतिकता की दौड़ तेज होती जा रही है, ऐसे में संयम रंग उत्सव जैसे आयोजन समाज को आत्मचिंतन, आत्मसंयम और अध्यात्म की ओर लौटने का संदेश देते हैं। मुंबई की इस पावन धरती पर संपन्न हुआ यह महोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का महापर्व बनकर उभरा, जहां त्याग की तपिश में आस्था का उजास और अधिक प्रखर हो उठा।

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