मधुबनी, 01 फरवरी (रजनीश के झा)। केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर मधुबनी के सांसद डॉ. अशोक कुमार यादव ने इसे मिथिला और बिहार के लिए स्थिर विकास, भरोसे और संतुलन का बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल सरकारी व्यय का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि आर्थिक अनुशासन, सामाजिक समावेशन और क्षेत्रीय न्याय की स्पष्ट दिशा प्रस्तुत करता है। डॉ. यादव ने कहा कि मिथिला और बिहार जैसे कृषि प्रधान एवं अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों के लिए यह बजट विशेष महत्व रखता है। इसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, आधारभूत संरचना, मानव संसाधन विकास और कर प्रणाली में सुधार को समग्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया गया है। यह बजट तात्कालिक लाभ से आगे बढ़कर दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव रखता है। ग्रामीण और कृषि क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि 500 जलाशयों एवं अमृत सरोवरों के निर्माण से मधुबनी सहित उत्तर बिहार में सिंचाई क्षमता में स्थायी वृद्धि होगी। उच्च मूल्य कृषि को बढ़ावा देने और AI आधारित Bharat-VISTAAR योजना के माध्यम से वैज्ञानिक खेती की तकनीक किसानों तक पहुंचेगी। सहकारी समितियों को दी गई कर-राहत से दुग्ध उत्पादक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि दिल्ली–वाराणसी तथा वाराणसी–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से मधुबनी एवं मिथिला क्षेत्र की देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों से बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित होगा। पटना और वाराणसी को जलमार्ग एवं लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने से व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। ‘पूर्वोदय’ राज्यों के लिए प्रस्तावित औद्योगिक और पर्यटन परियोजनाएँ स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ेंगी। मानव संसाधन विकास पर उन्होंने उत्तर भारत में NIMHANS-2, स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन और प्रत्येक ज़िले में बालिका छात्रावास की घोषणा को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया। कर प्रणाली पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. यादव ने कहा कि नया आयकर कानून सरल, पारदर्शी और करदाताओं के लिए भरोसेमंद है। अंत में उन्होंने इस दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।
रविवार, 1 फ़रवरी 2026
मधुबनी : विकास, भरोसे और संतुलन का बजट : सांसद
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