सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम शाहपुर कौड़िया में भव्य कलश यात्रा के साथ पंच दिवसीय एक कुण्डीय शिव शक्ति यज्ञ एवं ऋणमुक्तेश्वर महादेव प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का श्रीगणेश हो गया है। गुरुवार को महोत्सव के अंतर्गत यज्ञाचार्य पंडित राहुल पाठक के मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने 1803 हवन में वेद मंत्रों के साथ आहुतियां दी। मंदिर के पुजारी पंडित धर्मेन्द्र व्यास ने बताया कि महाशिवरात्रि को देवता, पूजन, प्राण प्रतिष्ठा के साथ महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को हवन पुष्पाधिवास, फलाधिवास आदि धार्मिक अनुष्ठान किए जाऐंगे। हवन सात बजे से 12 बजे और दोपहर तीन बजे से आरंभ हो जाता है। उन्होंने बताया कि हवन वातावरण को शुद्ध करने में अहम भूमिका निभाता है। हवन कराने से पवित्रता बनी रहती है। इससे आसपास मौजूद नाकारत्मक ऊर्जा समाप्त होती है। साथ ही वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। हवन कराने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद आपके परिवार पर बना रहता है। हवन करने से पहले स्वच्छता का ध्यान रखा जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि हवन के लिए आम की लकड़ी, बेल, नीम, पलाश का पौधा, कलीगंज, देवदार की जड़, गूलर की छाल और पत्ती, पीपल की छाल और तना, बेर, आम की पत्ती और तना, चंदन की लकड़ी, तिल, जामुन की कोमल पत्ती, अश्वगंधा की जड़, तमाल यानि कपूर, लौंग, चावल, ब्राम्ही, मुलैठी की जड़, बहेड़ा का फल और हर्रे तथा घी, शकर जौ, तिल, गुगल, लोभान, इलायची एवं अन्य वनस्पतियों का बूरा उपयोगी होता है। यह सभी चीजें वातावरण को प्रदूषण से मुक्त करती हैं। अगर परिवार में लगातार कलह की स्थिति बनी हुई है तो इससे छुटकारा पाने में हवन बहुत कारगर साबित होता है। हवन होने के बाद इसकी राख को घर के चारों तरफ छिड़क दें। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है। आर्थिक जीवन की परेशानियों को दूर करने के लिए हवन कराना चाहिए।
गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026
सीहोर : महाशिवरात्रि पर ग्राम शाहपुर कौड़िया में किया जाएगा महाप्रसादी का वितरण
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