- फ़ाइलेरिया मुक्त मधुबनी बनाना हमारी प्राथमिकता - सिविल सर्जन
- 11 फरवरी को मनाया जाएगा मेगा एम.डी.ए. कैंप लगाकर कराया जाएगा दवा सेवन
एसीएमओ डॉ एस एन झा ने मीडिया सहयोगियों से संवाद करते हुए बताया कि 10 फरवरी से शुरू होने वाले सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम कार्यक्रम में जिले के शहरी क्षेत्र के 1 से 45 वार्ड के कुल जनसंख्या 1,59,822 के विरुद्ध पात्र लाभार्थी 1,35,848 लाभार्थियों को कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए डी.ई.सी एवं अल्बेंडाज़ोल की निर्धारित खुराक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर, अपने सामने खिलाई जाएगी। जिसके लिए जिले में 72 बूथ, 45 टीम, 9 सुपरवाइजर एवं 90 दलों का गठन किया गया है। दवाओं का वितरण बिलकुल भी नहीं किया जायेगा । इन दवाओं का सेवन खाली पेट नहीं करना है । 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं खिलाई जाएगी। फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने, मीडिया सहयोगियों से अनुरोध किया कि वे अपने समाचार पत्रों और चैनल के माध्यम से लोगों तक इस प्रकार सन्देश पहुंचाएं कि प्रत्येक लाभार्थी फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन स्वास्थ्यकर्मियों के सामने ही सुनिश्चित करें और इस कार्यक्रम में उनका पूर्ण सहयोग करें । सी.डी.ओ. डॉक्टर जी एम ठाकुर ने फाइलेरिया या हाथीपांव रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है। यह रोग संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार फाइलेरिया,दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है। फाइलेरिया के कारण चिरकालिक रोग जैसे: हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन), लिम्फेडेमा (अंगों में सूजन) और दूधिया सफेद पेशाब (काईलूरिया) से ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक भेदभाव सहना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर व्यक्ति लगातार 5 साल तक फाइलेरिया रोधी दवा खा लेता है तो पूरे जीवन उसे फाइलेरिया रोग होने की सम्भावना समाप्त हो जाती है । इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार, एसीएमओ डॉक्टर एस.एन झा, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर डी.एस.सिंह ,सीडीओ डॉ जी. एम.ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पंकज मिश्रा, पिरामल के धीरज सिंह,कुश कुमार, भीबीड डिंपू कुमार, अमर कुमार, सीफार के डिवीजनल कोऑर्डिनेटर अमन कुमार सहित अन्य उपस्थित थे ।

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