- काशी, मथुरा और बरसाने की तर्ज पर होगी सीहोर में महादेव की होली
संस्कार मंच के संरक्षक मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि महादेव की दिव्य होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का पर्व है। ब्रज की होली की तरह ही अब सीहोर की महादेव होली भी देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है। यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के संदेश और मार्गदर्शन में संपन्न होगा। पंडित मिश्रा के आह्वान के बाद देशभर से श्रद्धालु इस पावन उत्सव में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं। 5 मार्च को सुबह 9 बजे छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से होली की शुरुआत होगी। यहां केसरिया रंग और गुलाल से महादेव के साथ होली खेली जाएगी। इसके बाद शहर के अन्य मंदिर गुप्तेश्वर महादेव, पिपलेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव होते हुए मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। शिव भजनों, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजती रहेगी। मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन होगा। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि दुनिया ब्रज की होली देखती है, लेकिन महादेव होली का दर्शन कर आस्था के नए आयाम को अनुभव करने का अवसर है।

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