भोपाल : नदियों की पवित्रता बनाये रखना भी ईश्वर भक्ति : बच्चे - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026

भोपाल : नदियों की पवित्रता बनाये रखना भी ईश्वर भक्ति : बच्चे

Save-river-bhopal
भोपाल (रजनीश के झा)। चित्रमय गीत नाटिका के माध्यम से बच्चों ने नदियों का महत्व समझाया और जल प्रदूषण रोकने का संदेश दिया.  पर्यावरण सरंक्षण पर निरंतर जागरूकता कार्यक्रम कर रहे  बरखेडीकलां स्थित शारदा विद्या मंदिर के बच्चों ने ‘नदियों की कहानी-नदियों की जुबानी’ कार्यक्रम  प्रस्‍तुत किया.  देश-प्रदेश की नदियों के बारे बताते हुए बच्चे नदियों के नाम लिखे रंग-बिरंगे पोस्‍टर लेकर मंच पर और प्रमुख नदियों के नाम लेकर बताया कि  जीव जगत के लिए  नदियां मां की तरह हैं इसलिए नदियों को प्रदूषित करना बंद करें और रेत खनन को सख्‍ती से रोका जाए. इस अनूठी प्रस्‍तुति के लिए बच्‍चे ही नहीं उनके अभिभावक और स्‍कूल स्‍टॉफ भी उत्‍साहित दिखे. स्‍कूल प्राचार्य ने बताया कि पढाई के साथ-साथ बच्‍चों को पर्यावरण के प्रति भी जागरूक करना हम अपना दायित्‍व समझते हैं. मध्‍यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है, परंतु निरंतर खनन और उपेक्षा के चलते नदियों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है यदि यही हाल रहा तो स्‍वच्‍छ पेयजल को प्राणी तरस जाएंगे. इसलिए नदियों को बचाना आवश्‍यक है. नदियों के घाट स्वच्छ रहें इसके लिए पन्नियों का उपयोग बंद करना होगा. ये पृथ्वी और जीवनदायिनी नदियाँ भगवान् ने हम सबके लिए बनाई हैं इसलिए इनका संरक्षण हम सभी का दायित्व है जो ईश्वर भक्ति से कम नहीं।

कोई टिप्पणी नहीं: