ट्रॉफियों का अंबार और नेतृत्व
सुयश की सबसे बड़ी सफलताओं में मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग शामिल है, जहाँ उन्होंने अपनी टीम को लगातार दो सीजन (2023-24 और 2024-25) में चैंपियन बनाया। इसके अलावा, उन्होंने बरकतुल्ला विश्वविद्यालय के लिए सेंट्रल ज़ोन चैंपियनशिप जीती, जिससे उनका चयन नेशनल ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी टीम में हुआ।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव और कड़ा प्रशिक्षण
सुयश ने भारतीय खेल प्राधिकरण के भोपाल और कोच्चि केंद्रों में कठोर प्रशिक्षण लिया है। कोच अमित भट्टाचार्य के मार्गदर्शन में तराशे गए सुयश ने 2019 में इंडोनेशिया में आयोजित 47वीं एशियन स्कूल फुटबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया। वे आई-लीग डिवीजन और केरल-असम जैसी कठिन पेशेवर लीगों में भी अपना लोहा मनवा चुके हैं। सीहोर के भोपाली फाटक से निकलकर संतोष ट्रॉफी तक पहुँचने वाले सुयश अब भारतीय राष्ट्रीय टीम की मुख्य जर्सी पहनने का लक्ष्य रखते हैं। उनकी सफलता ने क्षेत्र के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का नया मार्ग खोल दिया है।

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