मुंबई (अनिल बेदाग) : डिजिटल युग में जहाँ पहचान अक्सर क्लिकबेट और दुरुपयोग का शिकार हो जाती है, वहीं अभिनेता और उद्यमी विवेक आनंद ओबेरॉय के पक्ष में आया दिल्ली हाईकोर्ट का ताज़ा फैसला एक मिसाल बनकर उभरा है। इस ऐतिहासिक कानूनी जीत के पीछे वरिष्ठ अधिवक्ता सना रईस खान की सशक्त और संवेदनशील पैरवी रही, जिसने पर्सनैलिटी राइट्स की पवित्रता को नए सिरे से परिभाषित किया। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए विवेक ओबेरॉय ने कहा,“यह सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की जीत है जिसकी पहचान को डिजिटल शोर में गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। कानून का यह संरक्षण बेहद आश्वस्त करने वाला है।” वहीं सना रईस खान ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “किसी भी व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक संपत्ति नहीं है। यह फैसला निजता, गरिमा और मानवीय मूल्यों की न्यायिक पुष्टि है।” यह निर्णय न केवल एक व्यक्ति की रक्षा करता है, बल्कि डिजिटल दुनिया में नैतिक सीमाओं की मजबूत लकीर भी खींचता है।
सोमवार, 9 फ़रवरी 2026
मुंबई : विवेक ओबेरॉय के पर्सनैलिटी राइट्स पर सना रईस खान की निर्णायक जीत
Tags
# मनोरंजन
# सिनेमा
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
सिनेमा
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें