कार्यक्रम समन्वयक डॉ. देवेंद्र कुमार वरवड़े ने समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम मेंहदी एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषय को 3D रंगोली के माध्यम से सशक्त रूप में प्रस्तुत किया। इसके पश्चात आयोजित एकल गायन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भक्तिगीत, ग़ज़ल एवं लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर वातावरण को संगीतमय बना दिया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने शास्त्रीय, लोक एवं फ्रीस्टाइल नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में डॉ. शीलचंद्र गुप्ता, डॉ. सरला एवं डॉ. प्रमिला जैन निर्णायक रहे, जबकि एकल गायन में डॉ. नोरा रूथ कुमार, डॉ. मेघा बैरागी एवं डॉ. सरला ने निर्णायक की भूमिका निभाई। मेंहदी एवं रंगोली प्रतियोगिताओं में डॉ. हुमा अख्तर, पूर्णिमा सिंह परिहार एवं रुख़साना अंजुम ख़ान निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अगली कड़ी में समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने रंगारंग प्रस्तुतियाँ देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने भारत के विभिन्न अंचलों की आकर्षक झलक प्रस्तुत की। इस अवसर पर स्टाफ एवं विद्यार्थियों के लिए कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. विनयमणि त्रिपाठी एवं हितेश दुबे द्वारा किया गया। डॉ. मॉली थॉमस ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
भोपाल, 24 मार्च। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, चंद्रशेखर अजाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय, सीहोर में दो दिवसीय वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह “कृतिरंग” का भव्य शुभारंभ महाविद्यालय के कुँवर चैन सिंह सभागार में हर्ष एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. गणेश लाल जैन, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. शीलचंद्र गुप्ता एवं अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. सरला, प्राध्यापक इतिहास, शासकीय महाविद्यालय, फन्दा की गरिमामयी उपस्थिति में माँ सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। डॉ. सिद्धनाथ खजुरिया द्वारा शुद्ध एवं सुस्वर मंत्रोच्चारण किया गया, जिससे पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। स्वागत उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. गणेश लाल जैन ने स्नेह सम्मेलन जैसे आयोजनों के महत्व को रेखांकित करते हुए अधिकाधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के समावेशी विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं तथा इनमें सहभागिता से उनके व्यक्तित्व विकास एवं प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है।

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