- अस्सी घाट पर गंगा पूजन, मछली बंदर मठ में संतों से लिया आशीर्वाद
- मां के साथ विश्वनाथ धाम में दर्शन कर बोले—सनातन संस्कृति ही दिखा सकती है दुनिया को शांति का मार्ग
इसके बाद वे अस्सी घाट पहुंचे और गंगा तट पर विधि-विधान से गंगा पूजन किया। घाट पर भी उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। भक्तों के उत्साह के बीच उन्होंने अनुयायियों से बातचीत की और सनातन संस्कृति की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया के कई देशों में युद्ध चल रहे हैं, लेकिन भारत आज भी शांति का संदेश देने वाला देश है। इसके पीछे भारतीय सेना की रणनीति, राष्ट्रीय एकजुटता और सनातन संस्कृति की मूल भावना का बड़ा योगदान है। इसके बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपनी मां के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि सनातन की विचारधारा में वह शक्ति है जो पूरे विश्व में शांति और संतुलन स्थापित कर सकती है। इस दौरान उन्होंने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रति समर्थन भी व्यक्त किया और कहा कि संत समाज सदैव धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट रहता है।

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