वाराणसी : नवरात्रि की दस्तक : घर-घर कलश स्थापना, हवन-पूजन की तैयारी पूरी, बाजारों में उमड़ी आस्था की भीड़ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 19 मार्च 2026

वाराणसी : नवरात्रि की दस्तक : घर-घर कलश स्थापना, हवन-पूजन की तैयारी पूरी, बाजारों में उमड़ी आस्था की भीड़

  • भक्ति के स्वर में गूंजा काशी, सजी आस्था की अर्पण-वेला, भक्ति और उत्साह का संगम—श्रद्धालुओं में दिखा विशेष उत्साह
  • माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ से श्री विश्वेश्वर के चरणों में समर्पित हुए पूजन सामग्री, वातावरण हुआ पूर्णतः भक्तिमय

Navratri-varanasi
वाराणसी (सुरेश गांधी)। चैत्र नवरात्रि की पूर्व संध्या पर काशी एक बार फिर श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के दिव्य आलोक से सराबोर हो उठी। भक्ति और आस्था का माहौल चरम पर पहुंच गया है। गुरुवार से शुरू हो रहे नवरात्रि पर्व को लेकर घर-घर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलश स्थापना, हवन-पूजन और देवी आराधना के लिए लोग पूरी श्रद्धा के साथ जुटे हुए हैं। पर्व को लेकर शहर में उत्साह और उल्लास का वातावरण है, और हर हृदय माँ शक्ति के स्वागत में भाव-विभोर दिखाई दे रहा है। शहर से लेकर गांव तक मंदिरों की साफ-सफाई, सजावट और पूजा-पाठ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रद्धालु अपने-अपने घरों में विधि-विधान से कलश स्थापना करने की तैयारी कर रहे हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के पहले दिन विधिपूर्वक घट स्थापना करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद पूरे परिवार पर बना रहता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। इधर, बाजारों में भी नवरात्रि की रौनक साफ नजर आ रही है। पूजा सामग्री, फल-फूल, नारियल, चुनरी, माता की प्रतिमा, श्रृंगार सामग्री और सजावटी वस्तुओं की दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दुकानदारों के अनुसार इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक बिक्री की उम्मीद है।  


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माँ विशालाक्षी शक्तिपीठ से पूजन-अर्चन हेतु फल, नैवेद्य, पवित्र वस्त्र, अभिषेक के लिए गंगाजल और नारियल श्रद्धापूर्वक भगवान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के श्री चरणों में समर्पित किए गए। इस पावन अर्पण ने न केवल परंपरा की निरंतरता को साकार किया, बल्कि काशी की आध्यात्मिक चेतना को भी पुनः जीवंत कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भक्ति रस में डूबा रहा। मंदिर परिसर में गूंजते मंत्रोच्चार, घंटों की मधुर ध्वनि और श्रद्धालुओं के चेहरों पर झलकती आस्था ने एक दिव्य अनुभूति का सृजन किया। उपस्थित भक्तों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर माँ भगवती से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। भजन-कीर्तन और जागरण के आयोजन की भी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। महिलाओं और युवतियों में खास उत्साह देखा जा रहा है। वे व्रत-पूजन के लिए विशेष तैयारियां कर रही हैं। वहीं बच्चे भी पंडालों और मेलों को लेकर उत्साहित हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार नवरात्रि का आरंभ विशेष शुभ संयोगों में हो रहा है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ गई है। ऐसे में श्रद्धालु पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करेंगे। कुल मिलाकर, नवरात्रि को लेकर पूरे प्रदेश में आस्था, उल्लास और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, जहां हर घर मंदिर में बदलता नजर आएगा और हर मन मां दुर्गा की भक्ति में लीन रहेगा। श्रद्धालुओं का मानना है कि नवरात्रि का यह पावन पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और समाज में सद्भाव के संचार का भी माध्यम है। इस अवसर पर हर श्रद्धालु अपने भीतर की शक्ति को जागृत करने और देवी के आशीर्वाद से जीवन में नई दिशा प्राप्त करने की प्रार्थना करता नजर आया। इस आयोजन के माध्यम से सनातन परंपराओं की गहराई और उनकी जीवंतता का एक बार फिर स्मरण हुआ। काशी की यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी आस्था की अखंड ज्योति को प्रज्वलित करती आ रही है, जो नवरात्रि के आगमन के साथ और भी प्रखर हो उठती है।

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