नई दिल्ली, 21 मार्च। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को मोदी सरकार पर देश के सामने मौजूदा आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा और रणनीति नहीं होने का आरोप लगाया। गांधी ने इस बात को लेकर भी चिंता व्यक्त की कि अगले महीने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले चुनावों के बाद सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने और औद्योगिक ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि से अनिवार्य रूप से महंगाई बढ़ेगी, जिसका असर हर भारतीय पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार भले ही ‘‘खोखले बयान’’ दे रही हो और यह दावा कर रही हो कि सब कुछ ‘‘सामान्य’’ है, लेकिन हकीकत यह है कि रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती लागत हर घर को प्रभावित करेगी। गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और औद्योगिक ईंधन की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी - ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार चाहे इसे “सामान्य” स्थिति बताए, लेकिन हकीकत यह है: उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे, एमएसएमई को सबसे ज्यादा चोट लगेगी।रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे, एफआईआई का पैसा और तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा।’’ गांधी ने कहा कि यानी, हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है। उन्होंने कहा, ‘‘और यह सिर्फ वक्त की बात है - चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की कीमतें भी बढ़ा दी जाएंगी।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी सरकार के पास न दिशा है, न रणनीति - सिर्फ बयानबाजी है। सवाल यह नहीं कि सरकार क्या कह रही है - सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचा है।’’ कांग्रेस पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की आलोचना करती रही है।
शनिवार, 21 मार्च 2026
दिल्ली : मोदी सरकार के पास न तो कोई दिशा है, न ही कोई रणनीति : राहुल गांधी
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