जिला मंत्री मिथिलेश झा ने कहा एक तरफ आज हमलोग संपूर्ण देश में शहीदे आज़म भगत सिंह ,राजगुरु एवं सुखदेव का शहादत दिवस मना रहे है तो दूसरे तरफ केंद्र सरकार आजादी के शहीदों के कुर्बानी को अमेरिका के हाथों गिरवी लगाने का काम कर रही है ,लेकिन हम लोग ऐसा कभी नहीं होने देंगें। हमारे शहीदों के अरमानों की रक्षा एवं देश की आजादी एवं संविधान की रक्षा के लिए साम्राज्यवाद का खात्मा जरूरी है । आज का नौजवान केंद्र सरकार के मुखिया माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सभी जुमलेबाजी को समझ चुके है । बीजेपी का धर्म एवं मंदिर मस्जिद का खेल समाप्त हो चुका है । किसान, श्रमिक एवं नौजवान सभी परेशान है । गैस सिलेंडर का किल्लत , इंडस्ट्रियल डीजल पेट्रोल के दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा । वैश्विक संकट के कारण दुनिया में भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शाख समाप्त हो चुका है। शहीदों को याद करते हुए एक बार फिर से नौजवानों को गोलबंद कर सत्ता एवं सरकार के जनविरोधी नीतियों के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करने का संकल्प ही आज के राजनीतिक परिदृश्य के लिए जरूरी है ।
मधुबनी (रजनीश के झा), 23 मार्च। सीपीआई जिला कार्यालय शहीद भवन परिसर में शहीदे आज़म भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के शहादत दिवस के अवसर श्रद्धांजलि सह संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया । शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद "आज के राजनीतिक परिदृश्य में भगत सिंह के शहादत की प्रासंगिकता " विषय पर एक परिचर्चा आयोजित किया गया । एटक के जिला अध्यक्ष रामचंद्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा में पार्टी जिला मंत्री मिथिलेश झा , राष्ट्रीय परिषद सदस्या राजश्री किरण , राज्य परिषद सदस्य मनोज मिश्रा , एटक के जिला महासचिव सत्यनारायण राय , शहर मंत्री मोतीलाल शर्मा , पार्टी जिला परिषद सदस्य संतोष झा , मनतोर देवी , शांति देवी , एटक नेता दिनेश भगत , मो मुस्तफा ,मो इदरीश , अशोक यादव, उत्तिम महतो सहित दर्जनों पार्टी ,किसान मोर्चा एवं श्रमिक संगठन मोर्चा पर काम करने वाले साथि भाग लिए परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा देश बहुत ही आर्थिक एवं राजनीतिक संकट में है । मंहगाई , बेरोजगारी , असहिष्णुता एवं असुरक्षा के कारण आमलोगों का विश्वास केंद्र सरकार के नीति से उठ चुका । खास के भारत अमेरिकी व्यापार समझौता के कारण घरेलू उत्पादकों के सामने समस्या उत्पन्न हो चुकी । भरता का अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने घुटना टेकना यह साबित करता है कि आज तक के भारतीय संसदीय इतिहास में इतना कमजोर सरकार एवं उसके प्रधानमन्त्री नहीं हुए थे । खास उद्योगपतियों को बचाने एवं अपने काले कारनामों से पर्दाफाश होने के डर से केंद्र सरकार का सभी फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर हो रहा है ।

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