- मासूमों की जंग में 'चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन' बना सहारा
चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन का मानना है कि उपचार केवल दवाइयों से नहीं बल्कि एक सकारात्मक वातावरण से भी होता है। अब तक यह संस्था 4,226 से अधिक बच्चों को जानलेवा बीमारियों से लड़ने में मदद कर चुकी है। इस नई पहल के माध्यम से फाउंडेशन उन अनकही चुनौतियों का समाधान कर रहा है जिनका सामना एक गरीब परिवार लंबे इलाज के दौरान करता है। इस पहल पर प्रकाश डालते हुए चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक, श्री जीजी जॉन ने कहा कि 'होम फॉर BMT' का निर्माण केवल चिकित्सा सहायता के लिए नहीं, बल्कि भावनात्मक और व्यावहारिक संबल देने के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि मुंबई जैसे शहर में महंगे खर्चों के कारण कई परिवार इलाज बीच में ही छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में यह केंद्र माता-पिता के वित्तीय बोझ को कम करता है ताकि उनका पूरा ध्यान केवल अपने बच्चे के ठीक होने पर रहे। समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व को निभाते हुए चाइल्ड हेल्प फाउंडेशन ने सिद्ध कर दिया है कि वह मुश्किल घड़ी में बच्चों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। 'होम फॉर BMT' आज के समय में समाज के लिए एक अमूल्य योगदान के रूप में उभर रहा है।

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