- निफ्टी 50 ने लिखी भारतीय पूंजी बाजार की नई कहानी
- भारत की आर्थिक यात्रा का आईना बना देश का सबसे भरोसेमंद इंडेक्स
कार्यक्रम में बोलते हुए एस. गुरुमूर्ति ने भारत की वित्तीय व्यवस्था की खासियतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत का वित्तीय बाजार कई देशों से अलग तरीके से विकसित हुआ है। जहां कई देशों में बाजार केवल वित्तीय नवाचारों के आधार पर विकसित हुए, वहीं भारत में मजबूत संस्थानों, सख्त नियामकीय निगरानी और विवेकपूर्ण आर्थिक संस्कृति ने बाजार को आकार दिया। एनएसई के चेयरमैन श्रीनिवास इंजेटी ने कहा कि पिछले तीन दशकों में निफ्टी 50 एक साधारण बाजार सूचकांक से आगे बढ़कर भारत की आर्थिक गति और उद्यमिता का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक में आर्थिक उदारीकरण के दौर में एक वैज्ञानिक और भरोसेमंद इंडेक्स के रूप में इसकी शुरुआत हुई थी। आज यह इंडेक्स निवेशकों के विश्वास, व्यवसायों की ऊर्जा और देश की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण संकेतक बन चुका है। इंजेटी के अनुसार जैसे-जैसे भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे एनएसई जैसे मजबूत संस्थान और निफ्टी 50 जैसे पारदर्शी बेंचमार्क लाखों निवेशकों की बचत को देश की प्रगति को आगे बढ़ाने वाले उद्यमों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। तीन दशकों की यह यात्रा केवल एक इंडेक्स की कहानी नहीं, बल्कि उस भारत की कहानी है जो तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, मजबूत संस्थानों और बढ़ते निवेशक विश्वास के साथ वैश्विक आर्थिक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

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