पटना (रजनीश के झा), 10 मार्च। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना एवं कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 मार्च 2026 को पश्चिमी चंपारण जिले के माधोपुर में “फसल विविधीकरण के माध्यम से उत्पादन वृद्धि एवं सतत् कृषि” विषय पर दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 30 से अधिक किसानों ने भाग लिया। इस परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं फसल अनुसंधान प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए फसल विविधीकरण के महत्व तथा इसके विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे पारंपरिक कृषि प्रणाली में शामिल करने के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से समेकित कृषि प्रणाली द्वारा उत्पादकता एवं आय में होने वाली वृद्धि को भी स्पष्ट किया। संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने किसानों को जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में फसल विविधीकरण एवं कृषिवानिकी की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. सौरभ दुबे ने फसलों में कीट एवं रोग प्रबंधन के बारे में बताया। केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. हर्षा बी. आर. ने फसल उत्पादन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। विदित हो कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 11 मार्च तक चलेगा। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों द्वारा भी विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए जाएंगे। इस कार्यक्रम के आयोजन में संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. जगपाल, डॉ. चेलपुरी रामुलु सहित अन्य कर्मचारीगण का भी उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
मंगलवार, 10 मार्च 2026
पटना : “फसल विविधीकरण के माध्यम से उत्पादन वृद्धि एवं सतत् कृषि” विषय पर कृषक प्रशिक्षण
Tags
# बिहार
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
बिहार
Labels:
बिहार
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें