सैमसन ने ‘प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट’ बनकर बनाया अनोखा रिकॉर्ड - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 10 मार्च 2026

सैमसन ने ‘प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट’ बनकर बनाया अनोखा रिकॉर्ड

sanju-samson
मुंबई । भारत को तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने हाल में समाप्त हुई प्रतियोगिता का ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनकर एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर दिया। सैमसन पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) के पुरुष या महिला वर्ग के किसी टूर्नामेंट में अपनी टीम की तरफ से चार मैच नहीं खेलने के बावजूद ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का पुरस्कार हासिल किया। उनसे पहले चार खिलाड़ी ही ऐसे थे जिन्होंने अपनी टीम के सभी मैच नहीं खेलने के बावजूद टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता था। इन खिलाड़ियों ने हालांकि अपनी टीम की तरफ से केवल एक मैच नहीं खेला था। प्रतियोगिता के शुरू होने पर सैमसन रन बनाने के लिए जूझ रहे थे और इसलिए उन्हें शुरुआती मैचों में अंतिम एकादश में नहीं चुना गया था। उन्हें बीच में अभिषेक शर्मा के अस्वस्थ होने के कारण एक मैच खेलने का मौका मिला लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया था। सुपर आठ में दक्षिण अफ्रीका से बड़ी हार के बाद भारत ने अपने शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए दाएं हाथ के बल्लेबाज सैमसन को मौका दिया और केरल के इस खिलाड़ी ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल की तरह बने मैच में नाबाद 97 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी 89 रन बनाकर भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल नौ मैच खेले जिनमें से सैमसन पांच मैच ही खेल पाए थे। आईसीसी के पुरुष या महिला वर्ग के टूर्नामेंट में इससे पहले ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनने वाले किसी खिलाड़ी ने या तो अपनी टीम के सभी मैच खेले थे या फिर वे केवल एक मैच से बाहर रहे थे। जिन खिलाड़ियों ने आईसीसी के किसी टूर्नामेंट में एक मैच नहीं खेलने के बावजूद ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ पुरस्कार हासिल किया था, उनमें ऑस्ट्रेलिया की लिसा कीटली (महिला वनडे विश्व कप 2000, नौ में से आठ मैच खेले), ऑस्ट्रेलिया की ही कारेन रोल्टन (महिला वनडे विश्व कप 2005, आठ में से सात मैच खेले), इंग्लैंड के केविन पीटरसन (पुरुष टी20 विश्व कप 2010, सात में से छह मैच खेले) और न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र ((चैंपियंस ट्रॉफी 2025, पांच में से चार मैच खेले) शामिल हैं।

कोई टिप्पणी नहीं: