पटना (रजनीश के झा), 14 अप्रैल । माले राज्य सचिव कुणाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ जनादेश की खुली अवहेलना कर भाजपा सत्ता पर काबिज हो रही है. यह सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा कि भाजपा बिहार को बुलडोजर रा’ की प्रयोगशाला बनाना चाहती है—जहाँ कानून नहीं, मनमानी चले; जहाँ न्याय नहीं, दमन हो. लेकिन भाजपा को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि बिहार उसकी इस तानाशाही परियोजना को स्वीकार कर लेगा. कुणाल ने याद दिलाया कि बिहार की जनता ने हमेशा अन्याय, दमन और प्रतिगामी राजनीति के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और हर बार ऐसी ताकतों को पराजित किया है. यह वही धरती है जिसने सत्ता के अहंकार को बार-बार चुनौती दी है. उन्होंने आह्वान किया कि आज जरूरत है एकजुट होकर, पूरी ताकत और साहस के साथ भाजपा की तानाशाही नीतियों का मुकाबला किया जाए. लोकतंत्र, संविधान और जनाधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करना होगा. बिहार की जनता चुप नहीं बैठेगी—वह अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेगी और हर साजिश को नाकाम करेगी.
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026
पटना : बिहार भाजपा के बुलडोजर राज की प्रयोगशाला नहीं बनेगा
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