- लू के थपेड़ों ने थाम दी जिंदगी की रफ्तार, सड़कें सूनी, लोग बेहाल, चार कदम चलना मुश्किल, कूलर-पंखे बेअसर
पछुआ हवाएं और प्रतिचक्रवात बना रहे ‘हीट डोम’ जैसा असर
मौसम विभाग के अनुसार निचले क्षोभ मंडल में बह रही गर्म पछुआ हवाएं और आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास बने प्रतिचक्रवात (एंटी-साइक्लोन) के कारण गर्मी का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ गए हैं। यही वजह है कि दिन के साथ-साथ अब रातें भी गर्म (उष्ण रात्रि) हो रही हैं, जिससे राहत के सारे रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार गर्म पछुआ हवाएं और प्रतिचक्रवात के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में “हीट डोम” जैसा असर बन गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म हो रही हैं।27 अप्रैल तक राहत नहीं, फिर बदलेगा मौसम
प्रेस नोट के अनुसार, 27 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में लू की स्थिति बनी रहेगी और कहीं-कहीं उष्ण रात्रि भी होगी। हालांकि राहत की उम्मीद भी दिख रही है, 27 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर शुरू होगा. इसके बाद यह पूर्वांचल की ओर बढ़ेगा. 28 अप्रैल से तापमान में 3 से 5° तक गिरावट संभव है। मई की शुरुआत तक हल्की बारिश और बादल राहत दे सकते हैं. प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
स्वास्थ्य पर खतरा, अस्पतालों में बढ़े मरीज
डॉक्टरों के मुताबिक हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर और उल्टी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सतर्कता जरूरी है। बांदा का 47.4° तापमान पूरे उत्तर प्रदेश के लिए चेतावनी है। बनारस सहित पूर्वांचल इस समय “आग के दरिया” में बदल चुका है। फिलहाल 27 अप्रैल तक हालात और कठिन रहेंगे, लेकिन 28 अप्रैल के बाद मौसम के करवट लेने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। तब तककृसावधानी ही सुरक्षा है।


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