वाराणसी : धूप का तड़का, ‘भेजा फ्राई’ पूर्वांचल तवे पर, बनारस 44° पर उबला - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 26 अप्रैल 2026

वाराणसी : धूप का तड़का, ‘भेजा फ्राई’ पूर्वांचल तवे पर, बनारस 44° पर उबला

  • लू के थपेड़ों ने थाम दी जिंदगी की रफ्तार, सड़कें सूनी, लोग बेहाल, चार कदम चलना मुश्किल, कूलर-पंखे बेअसर

Heat-wave-banaras
वाराणसी (सुरेश गांधी). पूर्वांचल इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। वाराणसी में रविवार को अधिकतम तापमान 43 से 44° दर्ज किया गया, जबकि “फील लाइक” तापमान 46° के पार महसूस हुआ। सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा और दोपहर होते-होते हालात ऐसे हो गए कि लोग घरों में कैद रहने को मजबूर दिखे। लहुराबीर, सिगरा, मैदागिन से लेकर बीएचयू तक, हर इलाके में गर्मी का एक ही असर दिखा : चार कदम चलते ही गला सूखना. दोपहर के वक्त ऐसा सन्नाटा कि मानो कर्फ्यू लगा हो। राहगीर सिर पर गमछा बांधे, पानी की बोतल लेकर निकल रहे हैं. कूलर-पंखे गर्म हवा फेंक रहे हैं. बिजली की हल्की ट्रिपिंग भी लोगों के लिए भारी पड़ रही है. ठेले वाले, रिक्शा चालक और दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनके लिए घर में बैठना विकल्प नहीं है। लू के थपेड़े सीधे चेहरे पर पड़ रहे है। इस बीच प्रदेश स्तर पर स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बांदा में तापमान 47.4° तक पहुंच गया, जो अप्रैल का रिकॉर्ड स्तर है। वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, जौनपुर, प्रयागराज, पूरे पूर्वांचल में तापमान 42 से 44° के बीच बना हुआ है और लू की स्थिति बनी हुई है। फिरहाल, उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात तेजी से विकराल होते जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक बांदा में आज तापमान 47.4° दर्ज किया गया, जो अप्रैल महीने के अब तक के सर्वाधिक तापमान की बराबरी है। यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैलती “आग जैसी गर्मी” का संकेत है।


पछुआ हवाएं और प्रतिचक्रवात बना रहे ‘हीट डोम’ जैसा असर

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मौसम विभाग के अनुसार निचले क्षोभ मंडल में बह रही गर्म पछुआ हवाएं और आंतरिक महाराष्ट्र के आसपास बने प्रतिचक्रवात (एंटी-साइक्लोन) के कारण गर्मी का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ गए हैं। यही वजह है कि दिन के साथ-साथ अब रातें भी गर्म (उष्ण रात्रि) हो रही हैं, जिससे राहत के सारे रास्ते बंद होते दिख रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार गर्म पछुआ हवाएं और प्रतिचक्रवात के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में “हीट डोम” जैसा असर बन गया है, जिससे दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म हो रही हैं।


27 अप्रैल तक राहत नहीं, फिर बदलेगा मौसम

प्रेस नोट के अनुसार, 27 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में लू की स्थिति बनी रहेगी और कहीं-कहीं उष्ण रात्रि भी होगी। हालांकि राहत की उम्मीद भी दिख रही है, 27 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर शुरू होगा. इसके बाद यह पूर्वांचल की ओर बढ़ेगा. 28 अप्रैल से तापमान में 3 से 5° तक गिरावट संभव है। मई की शुरुआत तक हल्की बारिश और बादल राहत दे सकते हैं. प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।


स्वास्थ्य पर खतरा, अस्पतालों में बढ़े मरीज

डॉक्टरों के मुताबिक हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर और उल्टी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सतर्कता जरूरी है। बांदा का 47.4° तापमान पूरे उत्तर प्रदेश के लिए चेतावनी है। बनारस सहित पूर्वांचल इस समय “आग के दरिया” में बदल चुका है। फिलहाल 27 अप्रैल तक हालात और कठिन रहेंगे, लेकिन 28 अप्रैल के बाद मौसम के करवट लेने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। तब तककृसावधानी ही सुरक्षा है।

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