नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को सुनाई गई सात साल कैद की सजा निलंबित कर दी और उन्हें छोटा नागपुर काश्तकारी (सीएनटी) अधिनियम के उल्लंघन से जुड़े कथित भूमि अधिग्रहण मामले में जमानत दे दी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उनसे आदिवासियों की जमीन को उनके मूल स्वरूप में बहाल करने में सहयोग करने के लिए एक हलफनामा दाखिल करने को कहा। शीर्ष अदालत झारखंड उच्च न्यायालय के दिसंबर 2025 के उस आदेश के खिलाफ एक्का की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि प्रथम दृष्टया सजा निलंबन का कोई मामला नहीं बनता है। रांची में सीबीआई अदालत ने 30 अगस्त 2025 को पूर्व मंत्री को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि 2008 के एक मामले में एक्का के खिलाफ दो अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल किये गए थे, जिनमें कहा गया था कि एक्का और एक अन्य पूर्व मंत्री ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की थी। सीबीआई के अनुसार, एक्का और अन्य लोगों ने रांची जिले में आदिवासी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए फर्जी पते दिये थे। उन्होंने ऐसा करते हुए अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए सीएनटी अधिनियम के प्रावधानों को दरकिनार कर दिया था।
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026
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दिल्ली : SC ने झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का की जेल की सजा निलंबित की; जमानत मिली
दिल्ली : SC ने झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का की जेल की सजा निलंबित की; जमानत मिली
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