- मैथिली सिनेमा की चुनौतियों और संभावनाओं पर साझा किये अपने विचार
सम्मान प्राप्त करने के बाद तुषार झा ने अपने संबोधन में मैथिली फिल्म उद्योग की विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद मैथिली सिनेमा लगातार आगे बढ़ रही है और दर्शकों के बीच अपनी पहचान मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय फिल्मों के माध्यम से भाषा, परंपरा और लोकसंस्कृति को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। तुषार झा ने यह भी कहा कि मैथिली सिनेमा को अभी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें वित्तीय संसाधनों की कमी, वितरण व्यवस्था की सीमाएं और बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार का अभाव प्रमुख हैं। उन्होंने फिल्म निर्माताओं, कलाकारों और समाज के सभी वर्गों से मैथिली सिनेमा को सहयोग देने की अपील की, ताकि यह उद्योग और अधिक सशक्त बन सके। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भी तुषार झा के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा भारतीय सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह सम्मान न केवल तुषार झा की उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि मैथिली सिनेमा के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सकारात्मक संकेत भी माना जा रहा है।

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