मुंबई (अनिल बेदाग) : मुंबई की तेज़ रफ्तार जिंदगी के बीच एक ऐसी शाम सजी, जहाँ सुरों में श्रद्धा थी, लय में ऊर्जा और माहौल में एक अद्भुत आध्यात्मिक कंपन। भारतीय जनता युवा मोर्चा मुंबई द्वारा आयोजित भजन जैमिंग कॉन्सर्ट ने हजारों युवाओं को एक साथ जोड़ते हुए यह साबित कर दिया कि परंपरा और आधुनिकता का संगम कितना प्रभावशाली हो सकता है। इस अनूठे आयोजन की प्रेरणा देवेंद्र फडणवीस के उस विज़न से जुड़ी दिखी, जो युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने पर बल देता है। अमीत सातम के मार्गदर्शन में तैयार इस मंच ने युवाओं को केवल दर्शक नहीं, बल्कि सहभागी बना दिया। कार्यक्रम में दीपक सिंह और तजिंदर सिंह तिवाना जैसे नेताओं के विचारों ने इसे और भी सार्थक आयाम दिए। संगीत की आत्मा बने ‘रहस्य–द म्यूजिकल प्रोजेक्ट’ ने पारंपरिक भजनों को आधुनिक धुनों के साथ पेश कर ऐसा माहौल बनाया, जिसमें हर युवा खुद को जुड़ा हुआ महसूस कर रहा था। खास बात यह रही कि इस आयोजन से जुटी 10 लाख रुपये की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर दी गई जो भक्ति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर उदाहरण बना। यह कॉन्सर्ट सिर्फ एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन बनकर उभरा, जिसने यह दिखाया कि आज का युवा अपनी जड़ों से जुड़ते हुए भी नए अंदाज़ में अपनी पहचान गढ़ना चाहता है।
सोमवार, 6 अप्रैल 2026
मुंबई : गूंजा युवा ऊर्जा का आध्यात्मिक सुर
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