- नेशनल रोड़ सेफ्टी एजुकेशन एक्सीलेन्स अवॉर्ड्स 2025-26 सड़क सुरक्षा शिक्षा को बढ़ावा देने वाले स्कूलों को दिए गए
अप्रैल 2026 में दिए गए पुरस्कारों के द्वारा उन संस्थानों और योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया, जो स्कूली स्तर में संरचित सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों को लागू कर रहे हैं; यह शुरूआती शिक्षा में सुरक्षित सड़क व्यवहार को शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 1100 से अधिक स्कूलों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया और दिल्ली से सलवान पब्लिक स्कूल, रामजस स्कूल, पूसा रोड़, एयरफोर्स गोल्डन जुबली स्कूल विजेता रहे। ‘हम सड़क सुरक्षा को कभी-कभार होने वाले जागरुकता अभियान नहीं मानते, बल्कि स्कूल के लर्निंग मॉडल में इसे शामिल करते हैं और छात्रों को उनकी उम्र के अनुसार सड़क सुरक्षा पर शिक्षित करते हैं।’’ मणित जैन ने कहा। ‘‘अब हम इस पहल को विस्तारित कर रहे हैं और 2026 तक 20 मिलियन छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य है।’’ ‘सड़क पर होने वाली दुर्घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, खासतौर पर इसका खामियाज़ा बच्चों एवं युवाओं को भुगतना पड़ता है। अगर हम अपनी सड़कों को सुरक्षित बनाना चाहते हैं तो हमें बच्चों को कम उम्र से ही सुरक्षित आदतों के बारे में शिक्षित करना चाहिए। नेशनल रोड़ सेफ्टी मिशन फॉर स्कूल्स का उद्देश्य ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना है जो सड़क सुरक्षा को नागरिकों को ज़िम्मेदारी मानें।’’ श्री के. के. कपिला प्रेज़ीडेन्ट, एमेरिटस इंटरनेशनल रोड़ फेडरेशन ने कहा। ‘‘ नेशनल रोड़ सेफ्टी मिशन एक प्रोग्राम से कहीं बढ़कर है, यह लोगों द्वारा लोगों के लिए शुरू की गई मुहीम है। हमारा उद्देश्य सड़कों पर सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, जो स्कूल लीडरों एवं अभिभावकों की प्रतिबद्धता के बिना संभव नहीं है। हम एक सा मिलकर न सिर्फ सड़क यातायात के नियमों के बारे में जागरुकता बढ़ाते हैं बल्कि अपने समुदायों के भविष्य को भी सुरक्षित बनाते हैं।’’ श्रीमति रजनी ठाकुर ने कहा। इसके अलावा श्री परवेश वर्मा, केबिनेट मंत्री, दिल्ली सरकार ने भी इस पहल को समर्थन दिया। इसके कार्यान्वयन को प्रोत्साहित करते हुए स्कूल स्तर पर सड़क सुरक्षा शिक्षा को बढ़ावा देने में इसकी प्रासंगिकता पर रोशनी डाली।
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