वाराणसी : आस्था के अन्नक्षेत्र में ऊर्जा का नवप्रभात, अब पीएनजी से बनेगा भोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

वाराणसी : आस्था के अन्नक्षेत्र में ऊर्जा का नवप्रभात, अब पीएनजी से बनेगा भोजन

  • पीएनजी कनेक्शन का शिलान्यास, सेवा-संस्कृति में जुड़ी आधुनिकता की नई धारा

Png-varanasi
वाराणसी (सुरेश गांधी)। धर्म, सेवा और आधुनिकता जब एक सूत्र में बंधते हैं, तो वह केवल व्यवस्था नहीं, एक नई परंपरा का जन्म होता है। शुक्रवार, को इसी भावना को साकार करते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित टेढ़ीनीम स्थित अन्नक्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई। इस अवसर पर गैस अथॉरिटी आफ इंडिया लिमिटेड गेल के माध्यम से पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएजी) कनेक्शन परियोजना का विधिवत शिलान्यास संपन्न हुआकृजो न केवल तकनीकी उन्नयन का प्रतीक है, बल्कि ‘सेवा में श्रेष्ठता’ के संकल्प का विस्तार भी है।


अन्नक्षेत्र : जहां सेवा बनती है साधना

टेढ़ीनीम का अन्नक्षेत्र केवल भोजन वितरण का केंद्र नहीं, बल्कि काशी की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक है, जहां हर थाली में श्रद्धा परोसी जाती है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार होता है, और अब यह प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित होने जा रही है। च्छळ कनेक्शन के माध्यम से ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे रसोई संचालन में न केवल गति आएगी, बल्कि पारंपरिक ईंधनों से होने वाले धुएं और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।


आधुनिकता और पर्यावरण का संतुलित संगम

इस पहल के पीछे केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक व्यापक दृष्टि भी है, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की। पीएनजी के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे अन्नक्षेत्र एक ‘ग्रीन किचन’ की दिशा में अग्रसर होगा। यह कदम दर्शाता है कि आस्था के केंद्र भी अब समय के साथ चलकर सतत विकास ससटेनेबुल डेवलपमेंट की राह पर अग्रसर हो रहे हैं।


गरिमामयी उपस्थिति में हुआ शिलान्यास

कार्यक्रम में प्रशासनिक और तकनीकी जगत के कई प्रमुख चेहरे उपस्थित रहे। डिप्टी कलेक्टर एवं नायब तहसीलदार के साथ गेल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। मुख्य रूप से सुशील कुमार (महाप्रबंधक, वाराणसी), गौरी शंकर मिश्रा, सुरेश तिवारी, उदित सिन्हा, श्री कलाधर नारायण (सभी महाप्रबंधक), श्री नवाजिश (उपमहाप्रबंधक), श्री प्रवीण सिंह एवं श्री चंदन (मुख्य प्रबंधक) ने अपनी सहभागिता से इस परियोजना को नई ऊर्जा दी।


सेवा में नवाचार का सतत संकल्प

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा समय-समय पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे नवाचार इस बात के प्रमाण हैं कि काशी केवल परंपरा का शहर नहीं, बल्कि प्रगति का भी केंद्र है। अन्नक्षेत्र में पीएनजी कनेक्शन की यह पहल भविष्य में अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, जहां सेवा, स्वच्छता और तकनीक का ऐसा संतुलित संगम देखने को मिलेगा।


बदलती काशी, बढ़ती आस्था

यह शिलान्यास केवल एक परियोजना की शुरुआत नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है जहां ‘आस्था’ और ‘आधुनिकता’ एक-दूसरे के पूरक बनते हैं। काशी के इस पावन धाम में अब अन्नक्षेत्र की हर रसोई से उठती आंच, न केवल श्रद्धालुओं का पेट भरेगी, बल्कि एक स्वच्छ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य की लौ भी प्रज्वलित करेगी।

कोई टिप्पणी नहीं: