नई दिल्ली। कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार की ओर से प्रस्तावित परिसीमन की प्रक्रिया जाति जनगणना नहीं कराने तथा उत्तर एवं दक्षिण भारत के बीच दरार पैदा करने की कोशिश है। पार्टी की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा महिला आरक्षण एवं परिसीमन के विषय पर एक अंग्रेजी दैनिक के लिए लिखे गए लेख का हवाला देते हुए यह भी कहा कि महिला आरक्षण कानून के आवरण में गलत परिसीमन को कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो परिसीमन लोगों पर थोपा जा रहा है, वह उत्तर और दक्षिण भारत के बीच दरार पैदा करने की एक कोशिश है। दक्षिण भारत के कई राज्य मानव विकास सूचकांक के मामले में उत्तर भारत के कई राज्यों से बेहतर हैं। फिर उनको नुकसान क्यों हो?’’ श्रीनेत ने कहा कि आंध प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल को इस बात की कीमत चुकाने के लिए विवश नहीं किया जा सकता कि उन्होंने मानव विकास सूचकांक के संदर्भ में बेहतर काम किया है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार महिला आरक्षण के पीछे छिपकर गलत तरीके से परिसीमन करना चाहती है और जातिगत जनगणना से बचना चाहती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘परिसीमन के जरिए छोटे राज्यों को तुलनात्मक रूप से कोई नुकसान नहीं होना चाहिए, लेकिन मोदी सरकार जनगणना के आंकड़ों के बिना जो करने जा रही है, वो परिसीमन का गलत तरीका है।’’ श्रीनेत ने दावा किया कि मोदी सरकार परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती जा रही है, ताकि जातिगत जनगणना न करानी पड़े।
सोमवार, 13 अप्रैल 2026
उत्तर और दक्षिण के बीच दरार डालने की कोशिश है परिसीमन : श्रीनेत
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