इससे पहले, सरकारी समाचार एजेंसी ‘आईआरएनए’ को दिए एक साक्षात्कार में, मोघदम ने कहा कि शांति कूटनीति प्रयासों में ईरान की प्रमुख मांग युद्ध की पूर्ण समाप्ति और साथ ही पुनः आक्रमण के विरुद्ध गारंटी है। मोघदम ने कहा कि ईरान कूटनीति को प्राथमिकता देता है, लेकिन इस बात पर जोर देता है कि किसी भी वार्ता के माध्यम से संघर्ष का स्थायी समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। राजदूत ने यह भी चेतावनी दी कि विश्वसनीय गारंटी के अभाव वाले प्रस्ताव संघर्ष के मूल कारणों को दूर करने में विफल रहेंगे तथा इससे और अधिक अस्थिरता का खतरा पैदा हो सकता है। मोघदम ने एक बार फिर कहा कि ईरान कूटनीति के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सार्थक शांति प्रक्रिया का उद्देश्य अस्थायी युद्धविराम के बजाय संघर्ष का व्यापक और स्थायी अंत होना चाहिए। ईरानी राजदूत की यह टिप्पणी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा उन रिपोर्टों पर टिप्पणी करने से इनकार करने के एक दिन बाद आई है, जिनमें कहा गया था कि इस्लामाबाद ने अमेरिका-ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते का प्रस्ताव किया है। साथ ही, इस बात की भी पुष्टि की गई कि शांति प्रक्रिया अभी जारी है।
इस्लामाबाद में नियुक्त ईरानी राजदूत ने मंगलवार को कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल के युद्ध को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान के नेतृत्व में किये जा रहे शांति प्रयास एक ‘‘महत्वपूर्ण’’ चरण की ओर बढ़ रहे हैं। राजदूत रजा अमीरी मोघदम की ये टिप्पणियां उन खबरों के बीच आई हैं कि पाकिस्तान युद्धविराम कराने और उसके बाद विस्तृत वार्ता करके अमेरिका-ईरान संघर्ष को समाप्त करने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है।ईरानी राजदूत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘युद्ध को रोकने के लिए सद्भावना के माध्यम से पाकिस्तान के सकारात्मक और सार्थक प्रयास एक महत्वपूर्ण, संवेदनशील चरण के करीब पहुंच रहे हैं...।’’ उन्होंने अपने संक्षिप्त बयान का समापन आशावाद के साथ करते हुए लिखा: ‘‘अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें।’’

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