दरभंगा : पुस्तक विमोचन एवं “Teaching Learning Process” विषय पर इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 22 मई 2026

दरभंगा : पुस्तक विमोचन एवं “Teaching Learning Process” विषय पर इंटरैक्टिव सत्र का आयोजन

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दरभंगा (रजनीश के झा), 22 मई । दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, दरभंगा (विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार) में आज एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पुस्तक विमोचन समारोह एवं “Teaching Learning Process” विषय पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित हुआ। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार, प्राचार्य, दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा विशिष्ट अतिथियों डॉ. श्रीश चौधरी, पूर्व प्रोफेसर, IIT मद्रास एवं डॉ. प्रदीप कांत चौधरी, पूर्व प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय के सम्मान एवं अभिनंदन से हुई। दोनों शिक्षाविदों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान एवं संस्थान से जुड़े मार्गदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।


इसके पश्चात “Production Processes” पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया गया। यह पुस्तक डॉ. एफ. बी. सय्यद एवं प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार द्वारा लिखित है, जो उत्पादन एवं विनिर्माण अभियंत्रण के क्षेत्र में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संसाधन सिद्ध होगी। पुस्तक का विमोचन डॉ. श्रीश चौधरी, पूर्व प्रोफेसर, IIT मद्रास द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने इस उपलब्धि के लिए पुस्तक के लेखकों को बधाई दी। इसके बाद आयोजित “Teaching Learning Process” विषयक इंटरैक्टिव सत्र में डॉ. श्रीश चौधरी एवं डॉ. प्रदीप कांत चौधरी ने शिक्षण पद्धतियों, छात्र सहभागिता, आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोण एवं प्रभावी शिक्षण तकनीकों पर अपने विचार साझा किए। सत्र के दौरान शिक्षकों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर अपने विचार एवं प्रश्न साझा किए। कार्यक्रम ने उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं सतत सीखने की संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्थान के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) चंदन कुमार ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों एवं विद्यार्थियों दोनों के शैक्षणिक विकास में सहायक सिद्ध होते हैं।

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