पटना : “खेत बचाओ अभियान” के तहत गया जी में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 29 मई 2026

पटना : “खेत बचाओ अभियान” के तहत गया जी में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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गया/पटना (संवाददाता)। “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत 29 मई को सिमुआरा पंचायत अंतर्गत गुलरियाचक गांव, प्रखंड टेकारी, गया जी में “संतुलित उर्वरक उपयोग पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 120 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 80 पुरुष एवं 40 महिला किसान शामिल थीं। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं सतत फसल उत्पादन के बारे में जागरूक करना था। इस अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. राकेश कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने ढैंचा, कम्पोस्ट एवं वर्मी कम्पोस्ट के माध्यम से उन्नत पोषक तत्व प्रबंधन पर प्रकाश डाला। उन्होंने संसाधन संरक्षण तकनीकों जैसे संरक्षण कृषि (Conservation Agriculture) एवं धान की सीधी बुवाई (DSR) के महत्व को भी विस्तार से समझाया। उन्होंने उर्वरकों के “4R सिद्धांत” — सही स्रोत (Right Source), सही मात्रा (Right Rate), सही समय (Right Time) एवं सही स्थान (Right Place) — की विस्तृत जानकारी दी।


डॉ. देवेन्द्र मंडल, सहायक प्राध्यापक सह कनिष्ठ वैज्ञानिक ने हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज, एजोला, वर्मी कम्पोस्ट तथा समेकित कृषि प्रणाली (IFS) को अपनाने से मृदा उर्वरता में होने वाले लाभों पर चर्चा की। इस दौरान ई. मनोज कुमार, प्रमुख, केवीके मानपुर, गया जी ने प्रभावी खरपतवार प्रबंधन एवं संसाधन-संरक्षण आधारित मृदा प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। यह कार्यक्रम डॉ. अनुप दास, निदेशक, आईसीएआर-आरसीईआर, पटना के मार्गदर्शन एवं डॉ. अभय कुमार, प्रधान वैज्ञानिक एवं टीम लीडर के नेतृत्व में आयोजित किया गया। हरी खाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम में भाग लेने वाले किसानों के बीच ढैंचा बीज का वितरण भी किया गया। इसके पश्चात किसानों की खेत-स्तरीय समस्याओं के समाधान हेतु एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। अंत में स्थानीय किसान आशीष कुमार सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया तथा कार्यक्रम का समापन हुआ।

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