गाजियाबाद : मेवाड़ में मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती, नौजवानों के प्रेरणापुंज हैं महाराणा प्रताप : डाॅ.गदिया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 9 मई 2026

गाजियाबाद : मेवाड़ में मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती, नौजवानों के प्रेरणापुंज हैं महाराणा प्रताप : डाॅ.गदिया

Marana-pratap-jayanti-mewar
गाजियाबाद (संवाददाता)। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह में इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डाॅ. अशोक कुमार गदिया ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अन्य महापुरुषों की तरह महाराणा प्रताप भी नौजवानों के प्रेरणापुंज हैं। विषम परिस्थितियों में भी अडिग खड़े रहने का हुनर महाराणा प्रताप के पास था। वह देश के ऐसे सर्वमान्य नेता रहे जिन्हें जीव-जानवर भी प्यार करते थे। महाराणा को उनकी टीम ने ही महान बनाया। डाॅ. गदिया ने महाराणा प्रताप के जीवन की कहानी इस मार्मिक और जोशीले अंदाज में सुनाई कि विद्यार्थियों के जेहन से हृदय तक शब्दचित्र उतरते चले गए। हल्दीघाटी का वर्णन अद्भुत था। उन्होंने महाराणा प्रताप को साहसी, एकता की मिसाल कायम करने वाला, अपने सिपहसालारों को रिश्तेदारों से भी अधिक चाहने वाला, शौर्यवान, धैर्यशील, फुर्तीला और विपरीत परिस्थितियों में भी दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाला बताया। उन्हांेने महाराणा के चेतक घोड़े और राम प्रसाद हाथी की स्वामी भक्ति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इतिहासकार और कवियों की मानें तो महाराणा प्रताप ने देश के लिए घास की रोटियां खा आदिवासियों के बीच रहकर अपने वतन के लिए संघर्ष किया। ऐसे महापुरुष विरले ही पैदा होते हैं। मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल ने अपने विचारों में महाराणा प्रताप के प्रसंग सुनाये। इससे पूर्व डाॅ. गदिया एवं मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशिका डाॅ. अलका अग्रवाल ने महाराणा प्रताप, मां सरस्वती व भारत माता की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के बाद पुष्प अर्पित कर अपनी भावांजलि दी। समारोह सरस्वती वंदना से शुरू हुआ। इसके बाद एकल गीत, सम्भाषण व कविताओं, वीडियो फिल्म के जरिये विद्यार्थियों ने महाराणा प्रताप की शौर्यगाथा सुनाई। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों में अंकिता, आयुषी, धु्रव, आंचल, अंजलि, दृष्टि, प्रिया एंड ग्रुप आदि थे। समारोह का संचालन तन्नू ने किया। इस मौके पर विभिन्न विभागों के प्रमुख, फैकल्टी स्टाफ, छात्र-छात्राएं आदि मौजूद थे। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। कार्यक्रम की तैयारी मेवाड़ ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशंस के काॅमर्स विभाग ने कराई।  

कोई टिप्पणी नहीं: