सीहोर : शनि जन्मोत्सव पर भगवान शनिदेव को चढ़ाया तेल-तिल, 51 किलो इमरती का लगाया भोग - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 16 मई 2026

सीहोर : शनि जन्मोत्सव पर भगवान शनिदेव को चढ़ाया तेल-तिल, 51 किलो इमरती का लगाया भोग

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सीहोर। हर साल की तरह इस साल भी शनि जन्मोत्सव के अवसर पर शनिवार को शहर के कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। भक्तों ने अपने आराध्य को तेल चढ़ाया व जरूरतमंदों के लिए दान भी किया। शनि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचे। वहीं  मंदिर में अभिषेक, पूजन और हवन कार्यक्रम हुआ। सुबह छह बजे से शनि भगवान का अभिषेक किया गया। भगवान को प्रसन्न करने के लिए इमरती का भोग लगाया गया। मंदिर में विराजमान शनिदेव के दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ नजर आई। इस मौके पर संत माधवदास महाराज अधिकारी ने बताया कि शनिदेव को भाग्य विधाता और न्याय का देवता माना जाता हैं। शास्त्रों की माने तो अमावस्या के दिन करने वाले उपाय विशेष फल प्रदान करते हैं। परेशानियां और शनि दोष दूर करने के लिए कुछ उपाए हैं, जिसे करने से शनिदेव खुश होते हैं और भक्तों को शुभ फल मिलता है। सभी जातकों, साड़े साती वाले जातक शनिदेव को प्रसन्न करने शाम के समय उनके दर्शन कर तेल चढ़ाकर दान किया।


सुबह किया गया विशेष अभिषेक

संस्कार मंच के प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि भक्तों ने मंदिर में जाकर शनि महाराज का पंचामृत और सरसों के तेल से तैलाभिषेक किया। इस दिन काले तिल, नीले वस्त्र और सरसों के तेल का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मों के अनुसार फल देने वाला ग्रह माना जाता है। शनि की चाल बदलने पर कई राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव शुरू या समाप्त होता है। जिन लोगों पर शनि का प्रभाव रहता है, उन्हें जीवन में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि शनि जयंती के दिन शनि मंदिर में जाकर शनि चालीसा और शनि रक्षा स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। इससे शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में राहत मिल सकती है। कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को शनिदेव की आंखों में देखने के बजाय उनके चरणों के दर्शन करने चाहिए। इस दिन जरूरतमंदों को काले तिल, सरसों का तेल, कंबल और दक्षिणा दान करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे करियर, व्यापार और जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।

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