इसी क्रम में झंझारपुर अंचल के बेलाराही के वार्ड-11,12 के महादलित समुदाय के लोगों ने दखल देहानी के तहत पर्चा वाली जमीन का नापी कराकर दखल कब्जा दिलाने का अनुरोध किया गया। झंझारपुर अंचल के लोहना उत्तरी निवासी बालेश्वर राय ने बासगीत पर्चा निर्गत करने हेतु अनुरोध किया गया। राजनगर अंचल के गोसाइटोल निवासी रंजीत यादव ने अपनी निजी जमीन विपक्षियों के द्वारा कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की गयी। अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र के गंगद्वार निवासी भोलिया देवी ने सरकारी रास्ता का अतिक्रमण करने की शिकायत की गयी। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम के तहत विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने कक्षों में उपस्थित होकर जिले भर से आए लोगों की समस्याएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए। उल्लेखनीय है कि सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान’’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सम्मानपूर्वक उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना तथा प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जन-हितैषी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाना है। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि प्रशासन आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें बेहतर प्रशासनिक सेवा प्राप्त हो सके। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों द्वारा बारी-बारी से सभी आवेदकों की शिकायतें सुनी गईं तथा उनके त्वरित समाधान के लिए अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
मधुबनी (संवाददाता), 29 मई । समाहरणालय परिसर में सेवा-संवाद-समाधान अनुश्रवण प्रणाली के तहत ‘‘सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)’’ कार्यक्रम के तहत अपने वीसी कक्ष में अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण, राजेश कुमार एवं अपर समाहर्ता, मुकेश रंजन ने आमजनों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस जनसंवाद कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में होने वाली कठिनाइयों को दूर करना तथा प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए दर्जनों लोगों ने अपनी-अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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