महिला शिक्षिका श्रीमती कुमारी गुड्डी ने बच्चियों को मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई, सैनिटरी पैड के उपयोग एवं स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने माताओं से भी जागरूक होकर बच्चियों का विशेष ख्याल रखने की अपील की। शिक्षिका जूही नाज ने पीरियड के समय स्वच्छता बनाए रखने और सामाजिक रूढ़िवादी सोच के खिलाफ आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे शर्म या डर से नहीं बल्कि जागरूकता और समझ के साथ देखना चाहिए। विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव श्रीमती अल्पना देवी ने विद्यालय प्रभारी श्री शहजाद अनवर की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय केवल किताबी ज्ञान देने का स्थान नहीं, बल्कि समाज की कुरीतियों और बुराइयों को दूर करने का भी केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में शिक्षिका श्रीमती शारका बेगम, फरहत पूर्वी, रौशन आरा परवीन, सुष्मिता देवी एवं श्री सोमनाथ दास सहित बड़ी संख्या में माताएं एवं छात्राएं उपस्थित थीं।
बेलवा/किशनगंज (संवाददाता) । मध्य विद्यालय बेलवा काशीपुर में सोमवार को बच्चियों एवं उनकी माताओं को मासिक धर्म (पीरियड) के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “माँ–बेटी खुला संवाद” कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चियों में मासिक धर्म को लेकर फैली झिझक, डर एवं सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना तथा माताओं और बेटियों के बीच खुला संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय प्रभारी श्री शहजाद अनवर “राजा” ने कहा कि माँ बच्चियों की पहली दोस्त और सहेली होती है, जिससे वे अपनी हर समस्या खुलकर साझा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि छोटी बच्चियां जब पहली बार मासिक धर्म से गुजरती हैं तो उन्हें डर, शर्म या असहजता महसूस होती है। ऐसे समय में एक माँ ही उन्हें सही जानकारी देकर गलत धारणाओं और झिझक से बाहर निकाल सकती है। उन्होंने सभी माताओं से बच्चियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा मासिक धर्म के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

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