विभागीय जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित कर्मी द्वारा बार-बार बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहने, न्यायालय से संबंधित अभिलेखों का समुचित संधारण नहीं करने, संवेदनशील सूचनाओं को अनधिकृत व्यक्तियों तक पहुंचाने तथा कार्यालयीन गोपनीयता एवं अनुशासन का उल्लंघन करने जैसे गंभीर कृत्य किए गए। जांच प्रतिवेदन, उपलब्ध साक्ष्यों तथा विभागीय कार्यवाही के क्रम में दिए गए अवसरों के बावजूद संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जांच में यह भी उल्लेखित किया गया कि संबंधित कर्मी के विरुद्ध पूर्व में भी कई विभागीय कार्यवाहियां संचालित की जा चुकी थीं तथा विभिन्न मामलों में दंड अधिरोपित किया गया था। इसके बावजूद उनके आचरण एवं कार्यशैली में अपेक्षित सुधार नहीं पाया गया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवकों से उच्च स्तर की जवाबदेही, अनुशासन एवं नैतिक आचरण की अपेक्षा की जाती है। किसी भी परिस्थिति में कर्तव्यहीनता, स्वेच्छाचारिता, गोपनीय अभिलेखों के दुरुपयोग अथवा सरकारी कार्य में लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की “शून्य सहिष्णुता नीति” को दर्शाती है तथा सभी सरकारी कर्मियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि सेवा नियमों एवं प्रशासनिक अनुशासन का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मधुबनी (रजनीश के झा), 29 मई । जिलाधिकारी द्वारा सरकारी सेवाओं में अनुशासन, जवाबदेही एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए प्रखंड कार्यालय बेनीपट्टी में पदस्थापित (निलंबित) लिपिक श्री दिनेश कुमार झा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही में आरोपों के पूर्णतः प्रमाणित पाए जाने के उपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के प्रावधानों के तहत यह कठोर दंडादेश पारित किया गया है।

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