हरदा : 70 की उम्र में भी साइकिल है जीवन का पहिया, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे मनोहर मोराने - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 2 जून 2026

हरदा : 70 की उम्र में भी साइकिल है जीवन का पहिया, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे मनोहर मोराने

  • साइकिल को बनाया आदत, स्वास्थ्य को बनाया ताकत

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हरदा । आज के समय में जब कुछ सौ मीटर की दूरी तय करने के लिए भी लोग मोटरसाइकिल और कार का सहारा लेने लगे हैं, वहीं हरदा के खेड़ीपुरा वार्ड क्रमांक 4 निवासी 70 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक एवं टेलर मास्टर मनोहर लाल मोराने आज भी साइकिल को अपना सबसे विश्वसनीय साथी मानते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी दिनचर्या में न कोई बदलाव आया है और न ही साइकिल से उनका लगाव कम हुआ है। घंटाघर स्थित अपनी सिलाई की दुकान तक वे प्रतिदिन साइकिल से पहुंचते हैं और अपने जीवन से यह संदेश दे रहे हैं कि स्वस्थ रहने के लिए महंगे साधनों की नहीं, बल्कि अच्छी आदतों की आवश्यकता होती है।


3 जून को विश्व साइकिल दिवस 

आज 3 जून के अवसर पर मनोहर लाल मोराने की जीवनशैली समाज के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आती है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2018 में मान्यता प्राप्त इस दिवस का उद्देश्य साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। मोराने इन सभी उद्देश्यों को वर्षों से अपने जीवन में उतारते आ रहे हैं। बाजार जाना हो, किसी ग्राहक से मिलना हो या अन्य कोई आवश्यक कार्य, उनकी पहली पसंद आज भी साइकिल ही है। उन्होंने कभी मोटरसाइकिल को अपनी आवश्यकता नहीं माना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले ऊर्जा संरक्षण, ईंधन बचत और पर्यावरण सुरक्षा के आह्वान को भी वे वर्षों से अपने व्यवहार में उतार रहे हैं। बिना किसी प्रचार-प्रसार के वे प्रतिदिन ईंधन बचत और प्रदूषण नियंत्रण में अपना योगदान दे रहे हैं।


नियमित साइकिल चलाने का परिणाम यह है कि 70 वर्ष की उम्र में भी वे पूरी तरह सक्रिय और ऊर्जावान हैं। उन्हें न उच्च रक्तचाप की समस्या है, न मधुमेह और न ही कोई अन्य गंभीर बीमारी। आज भी वे घंटों सिलाई मशीन पर कार्य करते हैं और पूरे उत्साह के साथ अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। मनोहर लाल मोराने का कहना है कि साइकिल केवल दो पहियों का वाहन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, आत्मअनुशासन और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। उनके अनुसार यदि लोग छोटी-छोटी दूरियों के लिए साइकिल का उपयोग शुरू कर दें तो स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ प्रदूषण, ट्रैफिक और ईंधन की बढ़ती खपत जैसी समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विश्व साइकिल दिवस पर उनका संदेश विशेष रूप से युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। आधुनिक जीवनशैली जहां लोगों को वाहनों पर अधिक निर्भर बना रही है, वहीं मनोहर लाल मोराने की सादगीपूर्ण जीवनशैली यह साबित करती है कि साइकिल आज भी स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। उनकी साइकिल केवल उनकी सवारी नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने वाला चलता-फिरता संदेश बन चुकी है।

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