- औचक निरीक्षण में अधिकांश कर्मचारी मिले अनुपस्थित, अधीक्षक का वेतन रोका
- नवजात के रेफरल पर रिपोर्ट तलब, सफाई व्यवस्था और वैक्सीन रिकॉर्ड में भी मिली लापरवाही
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की प्रशासनिक एवं व्यवस्थागत कमियों को गंभीर मानते हुए सीएमओ ने अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार सिंह से जवाब मांगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में सीएमओ ने प्रसव कक्ष से एक नवजात शिशु को उच्च केंद्र रेफर किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पाया कि अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के बावजूद नवजात को रेफर किया गया। इस पर संबंधित चिकित्सकों और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि रेफरल के कारणों की जांच की जा सके। कोल्ड चेन प्वाइंट के निरीक्षण में भी वैक्सीन वितरण संबंधी रजिस्टर अद्यतन नहीं पाए गए। वितरण की प्रविष्टियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप दर्ज नहीं थीं। इस पर संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगते हुए अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से ड्यूटी पर उपस्थित रहने, स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने, रिकॉर्ड का सही रखरखाव करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जनपद के स्वास्थ्य संस्थानों की नियमित निगरानी जारी रहेगी और कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण में प्रमुख खामियां
अधिकांश कर्मचारी निर्धारित समय पर अनुपस्थित मिले।
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिली।
नवजात शिशु के रेफरल पर सवाल खड़े हुए।
वैक्सीन वितरण रजिस्टर अद्यतन नहीं मिला।
अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब, वेतन किया गया अवरुद्ध।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सख्त निर्देश जारी।

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