थरूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा था, लेकिन इसे दलगत विवाद में बदल दिया गया। दरअसल, शशि थरूर ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को भारत की चिंताओं से अवगत कराया और इस बात को मजबूती से रखा कि युद्ध के समय वाणिज्यिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, "मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है। अब वह शायद उसे भी सुन सकते हैं, जो मोदी ने कहा ही नहीं।" उन्होंने कहा, "जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी–ट्रंप बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिका द्वारा तीन भारतीय नाविकों की निर्मम हत्या का कोई उल्लेख नहीं है।" खेड़ा का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह मोदी–ट्रंप की पहली मुलाकात थी, फिर भी कहीं यह संकेत नहीं मिलता कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के उस बार-बार दोहराए गए दावे का प्रतिवाद किया कि उन्होंने भारत को व्यापार की धमकी देकर युद्धविराम कराया।
उन्होंने कहा, "ईरानी युद्धपोत आइरिस देना पर हुए हमले का भी कोई उल्लेख नहीं है, जबकि वह मिलन-2026 अभ्यास के दौरान भारत का अतिथि था और यह घटना वस्तुतः भारत के सामरिक पड़ोस में हुई।" उन्होंने कहा, "फिर भी, थरूर जी को न जाने कैसे ऐसे मजबूत बयान, प्रभावशाली प्रतिवाद और अडिग कूटनीति सुनाई दे गई, जिनका आधिकारिक रिकॉर्ड में कहीं कोई उल्लेख नहीं है।" खेड़ा ने कटाक्ष करते हुए कहा, "शायद हम बाकी लोग सामान्य मानवीय इंद्रियों तक ही सीमित हैं। लेकिन 'महामानव मोदी' के भक्तों को, वह जितना कम बोलते हैं, उतना ही अधिक सुनाई देता है।" विवाद खड़ा होने पर थरूर ने सफाई देते हुए एक्स पर पोस्ट किया, "स्पष्ट रूप से कहूं तो, मुझे यह बेहद आश्चर्यजनक लगता है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा एक बयान राजनीतिक दलगत विवाद में बदल दिया जा रहा है। तीन भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवाई। मेरी टिप्पणी हमारे नागरिकों की सुरक्षा और इस सिद्धांत पर आधारित थी कि नागरिक समुद्री नाविक कभी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनने चाहिए।" लोकसभा सदस्य ने कहा, "यदि कुछ लोग इस चिंता पर गंभीरता से विचार करने के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने में अधिक रुचि रखते हैं, तो यह उनके बारे में अधिक बताता है, मेरे बारे में नहीं।" उन्होंने कहा, "भारतीय नागरिकों के जीवन की चिंता हमें एकजुट होकर करनी चाहिए, विभाजित होकर नहीं।"

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