वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज करना भाजपा द्वारा गुप्त तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नष्ट करने का एक प्रयास है। उनके नामांकन में किसी भी त्रुटि या कोई जानकारी छिपाने का आरोप पूरी तरह से मूर्खतापूर्ण है और कांग्रेस से एक सीट छीनने का हताशापूर्ण प्रयास है।" उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्हें (भाजपा को) एहसास हुआ कि हमारे कांग्रेस विधायकों से सौदा करने की उनकी गंदी चालें विफल होने वाली हैं, तो वे इतने नीचे गिर गए कि उनका (मीनाक्षी नटराजन का) नामांकन खारिज करवा दिया।" वेणुगोपाल ने दावा किया कि यह संविधान और लोकतंत्र के प्रति भाजपा की खोखली प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वह हर कदम पर किसी न किसी तरह "वोट चोरी" पर आमादा है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम लोकतंत्र की इस दिनदहाड़े लूट को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ कानूनी तथा सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगे।’’
नई दिल्ली (संवाददाता) । कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मंगलवार को मध्य प्रदेश से पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने के खिलाफ निर्वाचन आयोग के मुख्यालय पहुंचे और अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने पर मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव जयराम रमेश और सचिन पायलट तथा कुछ अन्य नेता आयोग के मुख्यालय पहुंचे। कांग्रेस का आरोप है कि उनके उम्मीदवार का नामांकन सिर्फ एक नोटिस का हवाला देकर खारिज किया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है।

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