एक विचार जिसने बदल दी जीवन की दिशा
गायत्री कॉलोनी निवासी 47 वर्षीय डिंपल भद्रावले ने अपने करियर की शुरुआत फिटनेस प्रशिक्षक के रूप में की। लगभग नौ वर्षों तक जिम में फिटनेस एवं योग प्रशिक्षण देने के दौरान उन्होंने महसूस किया कि लोगों को केवल शारीरिक फिटनेस नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली की आवश्यकता है। इसी सोच ने उन्हें योग को अपना मिशन बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महर्षि पतंजलि योग संस्थान, हरिद्वार से योग की विधिवत शिक्षा प्राप्त की और तब से लगातार योग के प्रचार-प्रसार में जुटी हुई हैं। वर्तमान में वे एक निजी विद्यालय में योग शिक्षिका के रूप में विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवन के संस्कार दे रही हैं। वर्तमान में महिला पतंजलि योग समिति जिला प्रभारी, खंडवा योग स्पोर्ट्स एसोसिएशन में कोषाध्यक्ष के पद पर हैं ।
पिता से मिले सेवा के संस्कार
डिंपल भद्रावले के व्यक्तित्व की नींव उनके पारिवारिक संस्कारों में निहित है। उनके पिता स्वर्गीय रमेशचंद्र शर्मा सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहते थे। जरूरतमंदों की सहायता और समाजहित के कार्यों को देखते हुए बचपन से ही उनके भीतर सेवा की भावना विकसित हुई। यही भावना आगे चलकर उनके योग जीवन की प्रेरणा बनी।
गांव-गांव पहुंचाकर दिया योग का संदेश
डिंपल भद्रावले ने विद्यालयों, महाविद्यालयों, एनएसएस शिविरों, खेल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न सामाजिक आयोजनों में योग प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने जिले के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोड़ने का कार्य किया, जिससे कई परिवारों ने स्वस्थ जीवनशैली को अपनाया।
योग के साथ स्वास्थ्य मार्गदर्शन
योग प्रशिक्षण के अलावा वे संतुलित आहार, तनाव प्रबंधन, दैनिक दिनचर्या और प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों के प्रति भी लोगों को जागरूक करती हैं। अनेक लोगों को वे नि:शुल्क स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उनका मानना है कि शरीर में रोगों से लड़ने की प्राकृतिक क्षमता होती है, जिसे योग के माध्यम से मजबूत बनाया जा सकता है।
समाज सेवा में भी सक्रिय भूमिका
योग के क्षेत्र से इतर डिंपल भद्रावले महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा तथा गरीब कन्याओं के विवाह जैसे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय योगदान देती रही हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों के साथ मिलकर वे सेवा और जागरूकता के कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं।
प्रेरणा बन चुकी हैं डिंपल
डिंपल भद्रावले की सबसे बड़ी उपलब्धि कोई पुरस्कार नहीं, बल्कि वे हजारों लोग हैं जिनके जीवन में योग के माध्यम से नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मकता आई है। उनका समर्पण यह संदेश देता है कि योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं, बल्कि स्वयं और समाज दोनों को बेहतर बनाने की सतत प्रक्रिया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर डिंपल भद्रावले का जीवन यह प्रेरणा देता है कि जब सेवा में समर्पण, संस्कारों में संवेदना और कर्म में निरंतरता हो, तब एक साधारण व्यक्ति भी समाज में असाधारण परिवर्तन का माध्यम बन सकता है।

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