द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और आम आदमी पार्टी (आप) के बैठक में शामिल होने की संभावना नहीं है जबकि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को गठबंधन में शामिल किए जाने की संभावना है। ‘आप’ पहले ही सार्वजनिक रूप से इस गठबंधन से दूरी बना चुकी है जबकि द्रमुक ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा उससे संबंध तोड़कर टीवीके-नीत सरकार में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला करने की घोषणा की है। गठबंधन भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगा और राज्यों में अगले चुनावी चक्र तथा 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार का मुकाबला करने के लिए एकजुट चेहरा पेश करने का प्रयास करेगा। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार ने भी विपक्षी गठबंधन को देश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने को मजबूर किया है। तृणमूल कांग्रेस अपने नेताओं पर पश्चिम बंगाल में कथित हमलों का मुद्दा उठा सकती है और ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकती है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, ‘‘एक साझा उद्देश्य और स्पष्ट इरादे के साथ बैठक हो रही है। ‘इंडिया’ एकजुट है। कई दल सौहार्द की भावना के साथ बैठक में शामिल होने को उत्सुक हैं।’’ हालिया विधानसभा चुनावों ने विपक्षी गठबंधन के भीतर मतभेदों को भी सामने ला दिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) कांग्रेस के लगाए इस आरोप को उठाने की तैयारी में है कि केरल चुनावों में वाम दलों की भाजपा के साथ राजनीतिक समझ थी। वाम दल कांग्रेस-नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) से उस एकमात्र राज्य में हार गए, जहां वे सत्ता में थे। सूत्रों ने बताया कि बैठक में माकपा का प्रतिनिधित्व उसके राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास करेंगे और पार्टी इस मुद्दे को उठाकर कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण मांग सकती है। माकपा महासचिव एम ए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर कहा है कि ऐसे आरोप विपक्षी गठबंधन में सहयोग की आधारभूत भावना के अनुरूप नहीं हैं। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि बेबी का पत्र ‘इंडिया’ गठबंधन की एकता पर सवाल उठाता है। उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘इंडी गठबंधन की यही वास्तविक स्थिति है। न कोई मिशन है, न कोई दृष्टिकोण। केवल भ्रम, विभाजन, आरोप-प्रत्यारोप और पदों की महत्वाकांक्षा है।’’ इससे पहले, इंडिया गठबंधन की आधिकारिक बैठक लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एक जून 2024 को नयी दिल्ली में हुई थी।

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