- पत्र सूचना कार्यालय की मीडिया कार्यशाला में केंद्र सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर हुई व्यापक चर्चा
राज्यमंत्री ने कहा कि 'विकास भी, विरासत भी' की अवधारणा को साकार करते हुए काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ धाम के पुनर्विकास और अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाई है। वहीं, वाराणसी को गाजीपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र से बेहतर सड़क संपर्क मिलने से पूर्वांचल के आर्थिक विकास को नई गति मिली है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि बीते 12 वर्षों की विकास यात्रा केवल योजनाओं और आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सहभागिता और आकांक्षाओं की कहानी है। महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत, सामाजिक उत्थान, किसान कल्याण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में हुए कार्य विकसित भारत-2047 की मजबूत आधारशिला बन चुके हैं। वाराणसी जंक्शन के स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता ने भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे बजट में ऐतिहासिक वृद्धि के साथ सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और अधोसंरचना में व्यापक सुधार हुए हैं। उन्होंने बताया कि वंदे भारत स्लीपर सेवा की शुरुआत, अमृत भारत ट्रेनों का संचालन और देशभर के रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को आधुनिक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल रहा है। पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस वार्तालाप कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रामाणिक जानकारी मीडिया के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला के दौरान पत्रकारों ने भी केंद्र सरकार की 12 वर्षों की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं और बदलते भारत की तस्वीर पर अपने विचार रखे तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

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